सिडनी/नई दिल्ली, 24 मई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल डेविड हर्ले से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच संपर्क और लंबे समय से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक बातचीत के बाद मोदी ने हर्ले से मुलाकात की। अल्बनीज के साथ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के अलावा समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, “सिडनी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल हर्ले के बीच वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच संपर्क और लंबे समय से चली आ रही द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।” मोदी ने भी कहा कि हर्ले से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। मोदी ने ट्वीट किया, “गवर्नर जनरल डेविड हर्ले से मिलकर और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर चर्चा करके प्रसन्नता हुई। हमारे राष्ट्रों के बीच मजबूत संबंध एक बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान देंगे।” मोदी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ कुडोस बैंक एरिना में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान, मोदी और अल्बनीज दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की थी।
ब्रिसबेन में वाणिज्य दूतावास खोलेगा भारत : प्रधानमंत्री मोदी
सिडनी/नई दिल्ली, 23 मई : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीयों की लंबित मांग को पूरा करने के लिए मंगलवार को घोषणा की कि भारत जल्द ही ब्रिसबेन में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलेगा। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध आपसी विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित है। प्रधानमंत्री मोदी सिडनी स्थित कुडोस बैंक एरिना में खचाखच भरे स्टेडियम में भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों को संबोधित करते हुए अपनी बात रख रहे थे। इस कार्यक्रम में उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीस भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ना बेहद खुशी की बात है।” उन्होंने अपनी पिछली यात्रा का स्मरण कराते हुए कहा, “जब मैं 2014 में यहां आया था, तो मैंने आपसे वादा किया था कि आपको भारतीय प्रधानमंत्री के लिए फिर से 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसलिए मैं एक बार फिर यहां सिडनी में हूं। प्रधानमंत्री अल्बानीस भी यहां मेरे साथ हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब थ्री सी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को परिभाषित करते थे। ये तीन थे- कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और करी। उसके बाद यह थ्री डी था, लोकतंत्र, डायस्पोरा और दोस्ती! जब यह थ्री ई बना, तो यह ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के बारे में था। आगे उन्होंने कहा कि लेकिन सच्चाई यह है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों की वास्तविक गहराई इन सी-डी-ई से परे आपसी विश्वास और आपसी सम्मान के भाव से है और इसके पीछे असली कारण भारतीय प्रवासी हैं। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कितनी भी भौगोलिक दूरियां क्यों न हों हिंद महासागर हमें जोड़ता है। दोनों देशों की जीवनशैली अलग-अलग क्यों न हो, योग हमें जोड़ता है। क्रिकेट एक ऐसी चीज है, जिसने हमें युगों से जोड़े रखा है। अब टेनिस और सिनेमा अन्य जोड़ने वाले सेतु हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बनीज ने इस दौरान सिडनी के उपनगर हैरिस पार्क का नाम बदलकर ‘लिटिल इंडिया’ कर दिया। मोदी ने सिडनी के एक उपनगर ‘लिटिल इंडिया’ की आधारशिला के अनावरण में समर्थन देने के लिए अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष का आभार व्यक्त किया। दरअसल, हैरिस पार्क पश्चिमी सिडनी का एक केंद्र है, जहां भारतीय समुदाय दिवाली और ऑस्ट्रेलिया दिवस जैसे त्यौहारों और कार्यक्रमों का जश्न मनाता है। प्रधानमंत्री ने दुनिया में भारत की स्थिति को वैश्विक अच्छाई की ताकत के रूप में बताया। उन्होंने कहा, “जब भी कोई आपदा आती है तो भारत दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।” उन्होंने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘उज्ज्वल स्थान’ के रूप में भी सराहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईएमएफ भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का ब्राइट स्पॉट मानता है। विश्व बैंक के अनुसार यदि कोई देश है जो वैश्विक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तो वह भारत है। भारत ने सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी रिकॉर्ड निर्यात किया है। आगे उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में भारत ने काफी तरक्की की है। हमने गरीब लोगों के लिए करीब 50 करोड़ बैंक खाते खोले हैं। इतना ही नहीं, दरअसल भारत में पब्लिक डिलीवरी का पूरा इको-सिस्टम ही बदल गया है। 2014 से 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। जेम ट्रिनिटी और डीबीटी ने देश में एक क्रांति ला दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी में दुनिया का सबसे तेज वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया। आज भारत दुनिया में नंबर-एक स्मार्टफोन डेटा कंज्यूमर है। उन्होंने आगे कहा कि हम राष्ट्र को भी एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी एक परिवार मानते हैं। जब भारत अपनी जी-20 अध्यक्षता की थीम तय करता है, तो कहता है- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। जब भारत पर्यावरण की रक्षा के लिए सोलर एनर्जी के बड़े लक्ष्य तय करता है, तो कहता है- वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड। जब भारत वैश्विक समुदाय के स्वस्थ रहने की कामना करता है तो कहता है- एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य। लगातार लग रहे मोदी-मोदी नारों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि सोलर एलायंस जैसे संघों के लिए हो, डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए या बिग कैट एलायंस का नेतृत्व करने के लिए भारत ने हमेशा विभिन्न राष्ट्रों को जोड़ने के लिए ‘बाइंडिंग फोर्स’ के रूप में काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन के दौरान खचाखच भरे स्टेडियम में लगातार नारे लगते रहे। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री भी लगातार ताली बजाते हुए प्रसन्न चित दिखे। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले प्रधानमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अपने उद्बोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीस के साथ दर्शकों से मिले। उनके साथ सेल्फी ली और ऑटोग्राफ भी दिये।
प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल बॉब डाडे से की बातचीत
नई दिल्ली/पोर्ट मोरेस्बी, 22 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी में गवर्नर जनरल बॉब डाडे के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए बातचीत की। श्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण के लिए रविवार को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे के साथ शानदार बैठक हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर बातचीत की।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी में दिन की शुरुआत ऐतिहासिक गवर्नमेंट हाउस में गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे के साथ गर्मजोशी भरे माहौल में बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच संबंधों और विकास साझेदारी के महत्वों पर जोर दिया गया।” यह बैठक पोर्ट मोरेस्बी में गवर्नमेंट हाउस में भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुई। गवर्नर जनरल ने प्रधानमंत्री मोदी की पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एक बयान में कहा गया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों एवं विकास साझेदारी के महत्व सहित विचारों का आदान-प्रदान किया और वे इसे अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
जापान की अपनी सफल यात्रा के बाद,प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी रवाना
नई दिल्ली, 21 मई : जापान की अपनी सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण के लिए पापुआ न्यू गिनी के लिए रवाना हो गए। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दी। बागची ने बताया कि हिरोशिमा में प्रमुख भागीदारों के साथ दो दिनों के गहन द्विपक्षीय और बहुपक्षीय जुड़ाव के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की अपनी यात्रा समाप्त की। प्रधानमंत्री अब अपनी यात्रा के अगले चरण में पोर्ट मोरेस्बी पहुंचेंगे। वहां पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री उनकी अगवानी करेंगे। यहां उनका पूर्ण औपचारिक स्वागत किया जाएगा। आमतौर पर देश सूर्यास्त के बाद आने वाले किसी भी नेता का औपचारिक स्वागत नहीं करता है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक विशेष अपवाद के तौर पर उनका पूर्ण औपचारिक स्वागत किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी पोर्ट मोरेस्बी में 22 मई को पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे के साथ संयुक्त रूप से भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच के तीसरे शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। पापुआ न्यू गिनी में प्रधानमंत्री मोदी के द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे। इसमें गवर्नर-जनरल सर बॉब डाडे और प्रधानमंत्री जेम्स मारपे के साथ बैठकें शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 में लॉन्च किए गए इस मंच में भारत और 14 प्रशांत द्वीप देश शामिल हैं। अर्थात इसमें फिजी, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, तुवालु, किरिबाती, समोआ, वानुअतु, नीयू, माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य, मार्शल द्वीप समूह, कुक द्वीप समूह, पलाऊ, नाउरू और सोलोमन द्वीप शामिल हैं।
जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी ने किया हिरोशिमा शांति स्मारक संग्रहालय का दौरा
नई दिल्ली/हिरोशिमा, 21 मई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन में अन्य नेताओं के साथ शांति स्मारक संग्रहालय का दौरा किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संग्रहालय में आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। श्री मोदी सहित सभी नेताओं ने परमाणु बम के पीड़ितों के लिए बने स्मारक पर श्रद्धासुमन भी अर्पित किये। बाद में श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, “आज सुबह हिरोशिमा में शांति स्मारक संग्रहालय और हिरोशिमा शांति स्मारक पार्क गया।” यह स्मारक एवं संग्रहालय द्वितीय विश्व युद्ध में छह अगस्त 1945 में हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले में जान गंवाने वाले लोगों की याद में बनाया गया है। यह संग्रहालय फरवरी 1951 में बना है।
जी-7 शिखर सम्मेलन: प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन और फ्रांस के राष्ट्रपति से मिले
हिरोशिमा/नई दिल्ली, 20 मई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमिर ज़ेलेन्स्की से द्विपक्षीय मुलाकात की और रूस यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत एवं कूटनीतिक प्रयासों को भारत का समर्थन एवं यूक्रेन के लोगों को मानवीय सहायता देने की बात दोहरायी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यहां श्री ज़ेलेन्स्की के मुलाकात के बाद ट्वीट किया, “हिरोशिमा में राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की से मुलाकात की। हमने आगे का रास्ता खोजने के लिए बातचीत और कूटनीति के लिए भारत के स्पष्ट समर्थन से अवगत कराया। हम यूक्रेन के लोगों को मानवीय सहायता देना जारी रखेंगे।” श्री मोदी ने उन्हें 14 जुलाई को बैस्टिल दिवस के लिए सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति श्री मैक्रों को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए फ्रांस के समर्थन के लिए भी राष्ट्रपति श्री मैक्रों का आभार जताया।
बांग्लादेश-म्यांमा के तटों से टकराया चक्रवात ‘मोचा’, 5 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए
नई दिल्ली, 15 मई: भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोचा’ रविवार को बांग्लादेश और म्यामां के तटीय इलाकों पर पहुंच गया. इससे पहले यह पांचवीं श्रेणी के भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका था. इसके चलते दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ है और निचले इलाकों में पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. मोचा तूफान, बांग्लादेश और म्यांमा को विभाजित करने वाली नाफ नदी के जरिए आगे बढ़ते हुए टेकनाफ तटरेखा पर दोपहर के समय टकराया. बांग्लादेश के मौसम विभाग के प्रवक्ता ए.के.एम. नजमुल हुदा ने से कहा, ”चक्रवात का केंद्रबिंदु अपने अनुमानित समय से पहले आज दोपहर के कुछ ही देर बाद नाफ नदी से होते हुए टेकनाफ तटरेखा पर पहुंच गया.” उन्होंने कहा कि बेहद खतरनाक मानी जाने वाली पांचवीं श्रेणी के चक्रवात के रूप में वर्गीकृत मोखा को तटरेखा पार करने में और समय लग सकता है. तेज हवाओं के चलते टेकनाफ और सेंट मार्टिन द्वीप में कई पेड़ उखड़ गए और कई घरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं. टेकनाफ और सेंट मार्टिन द्वीप कॉक्स बाजार-टेकनाफ प्रायद्वीप के छोर से लगभग नौ किमी दक्षिण में स्थित है. बंगाल की खाड़ी में स्थित आठ वर्ग किलोमीटर के द्वीप सेंट मार्टिन में तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हुई. बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी कॉक्स बाज़ार के टेकनाफ उप-जिले के प्रशासनिक प्रमुख मोहम्मद कमरुज्जमां ने कहा कि टेकनाफ और बंगाल की खाड़ी के पास इसके दक्षिणी भाग शाहपोरी डिप में 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से हवाएं चल रही हैं. टेकनाफ म्यांमा के पास है और यह नाफ नदी के जरिए उत्तरी म्यांमा के तटों से अलग होता है. कमरुज्जमां ने कहा, ”हवा के बहुत तेज वेग के कारण मौसम भयावह है, लेकिन अभी तक बड़े पैमाने पर लहरें नहीं उठी हैं.” मौसम अधिकारियों ने कहा कि नाफ नदी में फिलहाल ऊंची लहरें उठ रही हैं जो पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई थीं और शाम 5 बजे (स्थानीय समय) तक जारी रहेंगी. चक्रवात के कारण भारी बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं. इससे बंगाल की खाड़ी के आसपास के इलाकों में खतरनाक बाढ़ आ सकती है. तूफान बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती कॉक्स बाजार जिले से टकराया, जहां दस लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं. मौसम विभाग की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, हवा के कारण सामान्य से आठ से 12 फुट ऊपर की लहरें उठने से कॉक्स बाजार और चटगांव के निचले इलाकों में पानी भर सकता है. ‘बीडीन्यूज़24.कॉम’ की खबर के मुताबिक सामान्य से पांच से सात फुट ऊंची लहरें उठने से फेनी, नोआखली, लक्ष्मपुर, चांदपुर और भोला के निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ‘मोचा’ लगभग दो दशकों में बांग्लादेश में आये सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक है. श्रेणी चार का चक्रवात श्रेणी-पांच तूफान के बराबर तीव्र हो गया है. लगभग पांच लाख लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है. तूफान से निपटने की तैयारी के तौर पर बांग्लादेश ने प्रभावित क्षेत्र के पास के हवाई अड्डों को बंद कर दिया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सहायता कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कई टन सूखे खाद्य पदार्थ की व्यवस्था की है और रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में दर्जनों एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल दलों को तैयार रखा है. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी, विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के कारण बांग्लादेश और म्यांमा के तटों के आसपास भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन होगा. हालांकि, बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मोहम्मद अज़ीज उर रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के लिए खतरा कम हो गया है. उन्होंने कहा कि म्यांमा और उसके दक्षिणी क्षेत्र के लिए खतरा ज्यादा हो सकता है. ‘मोचा’ चक्रवात के रविवार को बांग्लादेश तथा म्यांमा के तटीय इलाकों से टकराने के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों के तटीय इलाकों में आपदा मोचन बल के कर्मी सतर्कता बरत रहे हैं. अधिकारी ने कहा कि गोताखोरों सहित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) कर्मियों के सात समूहों को पूर्व मेदिनीपुर जिले में दीघा-मंदारमणि तटीय क्षेत्र में तैनात किया गया है, क्योंकि समुद्र में तेज लहरें उठ रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन समूह के 100 से अधिक कर्मियों को दक्षिण 24 परगना जिले के बक्खली समुद्र तट पर तैनात किया गया है, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके. एनडीआरएफ टीम के सदस्य विकास साधु ने कहा, “हम पर्यटकों को समुद्र के पास जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जहां तेज लहरें उठ रही हैं. हम समुद्र तट पर आवाजाही को नियंत्रित कर रहे हैं. हमें अगले कुछ घंटों के लिए सतर्क रहने को कहा गया है.” दोनों जिलों में आपात स्थिति के दौरान तटीय क्षेत्रों के निवासियों को निकालने की व्यवस्था की गई है. इस बीच, पोर्ट ब्लेयर से मिली खबर में कहा गया है कि चक्रवात मोचा ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दस्तक नहीं दी, जहां आपदा के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए पर्याप्त एहतियाती उपाय किए गए थे. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पिछले कुछ दिन से जनजीवन अस्त-व्यस्त है क्योंकि चक्रवात के मद्देनजर प्रशासन ने मछली पकड़ने, पर्यटन और मुख्य भूमि से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है.
चक्रवात ‘मोखा’ बांग्लादेश व म्यांमा के तटीय इलाकों से टकराना शुरू किया
ढाका, 14 मई : चक्रवात ‘मोखा’ ने बांग्लादेश और म्यांमा के तटीय इलाकों से रविवार को टकराना शुरू कर दिया। इससे पहले यह तीव्र होकर श्रेणी पांच के तूफान के जैसा हो गया था। चक्रवात के कारण भारी बारिश हो रही है और 195 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इससे बंगाल की खाड़ी के आसपास के इलाकों में खतरनाक बाढ़ आ सकती है। इस तरह की आशंकाएं हैं कि तूफान बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती कॉक्स बाजार जिले को प्रभावित कर सकता है जहां दस लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात कॉक्स बाजार से 250 किलोमीटर दूर है और अब तट को पार कर रहा है। बुलेटिन के अनुसार पूर्वानुमान था कि यह रविवार दोपहर को भारी बारिश और हवाओं के साथ दस्तक देगा। हवा के कारण सामान्य से आठ से 12 फुट ऊपर की लहरे उठने से कॉक्स बाजार और चटगांव के निचले इलाकों में पानी भर सकता है। ‘बीडीन्यूज़24.कॉम’ की खबर के मुताबिक सामान्य से पांच से सात फुट ऊंची लहरें उठने से फेनी, नोआखली, लक्ष्मपुर, चांदपुर और भोला के निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ‘मोखा’ लगभग दो दशकों में बांग्लादेश में आये सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक है। श्रेणी चार का चक्रवात श्रेणी-पांच तूफान के बराबर तीव्र हो गया है।लगभग 500,000 लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है। तूफान से निपटने की तैयारी के तौर पर बांग्लादेश ने प्रभावित क्षेत्र के पास के हवाई अड्डों को बंद कर दिया, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सहायता कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कई टन सूखे खाद्य पदार्थ की व्यवस्था की है और रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में दर्जनों एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल दलों को तैयार रखा है। लोगों और अधिकारियों को आशंका है कि ‘मोखा’ की वजह से ऊंची लहरें उठ सकती हैं जिससे बाढ़ आ सकती है और भूस्खलन हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी, विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि चक्रवात बांग्लादेश और म्यांमा के तटों के आसपास भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनेगा। हालांकि, बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मोहम्मद अज़ीज-उर-रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के लिए खतरा कम हो गया है। उन्होंने कहा कि म्यांमा और उसके दक्षिणी क्षेत्र के लिए खतरा ज्यादा हो सकता है।
एलन मस्क ने किया ट्विटर के सीईओ पद छोड़ने का ऐलान , लिंडा याकारिनो हो सकती है नई सीईओ!
नई दिल्ली, 12 मई : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मिल गया है। एलन मस्क ने देर रात ट्विटर के सीईओ का पद छोड़ने का ऐलान किया, लेकिन नए सीईओ के नाम का खुलासा नहीं किया। हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनबीसी यूनिवर्सल टॉप एडवरटाइजिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव लिंडा याकारिनो ट्विटर की नई सीईओ हो सकती हैं। ट्विटर प्रमुख ने बिना नाम लिए ट्विटर के नए सीईओ नियुक्ति किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वो छह हफ्तों में अपना काम शुरू करेंगी। एलन मस्क ने ट्वीट किया कि वे अब ट्विटर के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। दरअसल, मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद लंबे समय से ट्विटर के लिए नए सीईओ की तलाश में थे। उल्लेखनीय है कि एलन मस्क ने 27 अक्टूबर, 2022 को 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर खरीदा था। इसके बाद मस्क ने कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इनमें सीईओ पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव्स विजया गड्डे और सीन एडगेट शामिल थे। मस्क अभी तक ट्विटर के 7,500 एम्प्लॉइज में से 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल चुके हैं।
चक्रवाती तूफान ‘मोखा’ से निपटने के लिए बांग्लादेश, म्यांमा तैयार
ढाका, 12 मई : बांग्लादेश और म्यांमा में अधिकारियों ने शुक्रवार को तटीय इलाकों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ‘मोखा’ के मद्देनजर उन्हें तटीय इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है। भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि रविवार को 160 किलोमीटर प्रति घंटे और बांग्लादेश के कॉक्स बाजार तथा म्यांमा में क्यौकप्यू के बीच 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बांग्लादेश 16 करोड़ लोगों की आबादी वाला देश है जहां बाढ़ एवं चक्रवातों जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती हैं। बांग्लादेश सरकार के प्रशासक मुहम्मद शाहीन इमरान ने कहा कि चक्रवात के मद्देनजर शनिवार को करीब 500,000 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने की संभावना है और प्रभावित लोगों के लिए 576 शिविर बनाए गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामणि ने कहा, ‘‘उत्तर हिंद महासागर से उठा इस साल यह पहला चक्रवात है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह चक्रवात भीषण है और इससे लाखों मछुआरों एवं तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।’’ मई 2008 में चक्रवात ‘नरगिस’ से म्यांमा का दक्षिण पश्चिम अय्यरवाडी या इरावडी क्षेत्र प्रभावित हुआ था और इरावडी नदी तट के आसपास के इलाकों में भारी तबाही मची थी। इस आपदा के कारण कम से कम 138,000 लोगों की मौत हुई थी और हजारों मकान एवं इमारतें बह गए थे। म्यांमा में मौसम विज्ञान एवं जल विज्ञान विभाग में निदेशक ह्ला तुन ने कहा कि अधिकारियों ने तटीय इलाकों में लोगों को संभावित बाढ़ एवं भूस्खलन को लेकर आगाह किया है और आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने की सलाह दी है। सरकारी ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा ’ के शुक्रवार को प्रकाशित अंक में आपात प्रबंधन, बचाव, प्रतिक्रिया, सहयोग, तैयारी और विभिन्न क्षेत्रों में पुनर्वास प्रक्रिया के लिए अभ्यास के बारे में खबरें प्रकाशित की गई हैं। खबरों के अनुसार, रखाइन राज्य के पश्चिमी तट के पास रह रहे हजारों लोगों को सामाजिक कार्यकर्ताओं और बचाव संगठनों द्वारा वहां से हटाए जाने की संभावना है। इस क्षेत्र से तूफान के गुजरने की आशंका है। बांग्लादेश सरकार के प्रशासक मुहम्मद शाहीन इमरान ने कहा कि बांग्लादेश में नियंत्रण कक्ष चक्रवात प्रभावित इलाकों में किसी भी आपात सहायता के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि तीन तटों को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।