न्यूयार्क/नई दिल्ली, 21 जून: अमेरिका की यात्रा पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर यहां संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अनेक बड़ी हस्तियों के साथ हिस्सा लिया। योगाभ्यास में हिस्सा लेने वालों में हंगरी के राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77 वें सत्र के अध्यक्ष साबा कोरोसी, न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स, संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद, लोकप्रिय हॉलीवुड अभिनेता और तिब्बत मामलों पर काम करने वाले रिचर्ड गेरे, डिजिटल दुनिया की हस्ती वला अफसार, कथावाचक जय शेट्टी, टी वी शो मास्टरशेफ इंडिया के विकास खन्ना, क्लाड कंम्पयूटिंग कंपनी वी एम वेयर के मुख्य परिचालन अधिकारी और अमेरिकी नौसेना के पूर्व कमांडर माइक हेज, योग प्रशिक्षक सुश्री कोलिन सेडमेन यी, रोडनी यी, डी डेमेन्स, विक्टोरिया गिब्स और आध्यात्मिक शिक्षक जान्हवी हेरिसन, भारतीय मूल की अमेरिकी गायिक फाल्गुनी शाह और ग्रेमी पुरस्कार से सम्मानित रिक्की केज, अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मेरी मिलबेन जैसी हस्तियां शामिल थीं। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कार्यरत अनेक राजनयिक, अधिकारी, अमेरिका में भारतीय मिशनों में तैनात अधिकारी और भारतीय समुदाय के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि श्री मोदी पांच दिन की अमेरिका और मिस्र की यात्रा के पहले चरण में मंगलवार रात न्यूयाॅर्क पहुंचे थे। यहां से वह वाशिंगटन जायेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी आज संरा मुख्यालय में योग सत्र का नेतृत्व करेंगे
संयुक्त राष्ट्र, 21 जून (वेब वार्ता): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को यहां संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक ऐतिहासिक समारोह में अनोखे योग सत्र का नेतृत्व करेंगे, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी, दुनिया भर के राजदूत और गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा जोड़ने, अपनाने और अंगीकार करने वाली परंपराओं को पोषित किया है। उन्होंने योग के माध्यम से विरोधाभासों, बाधाओं और प्रतिरोधों को खत्म करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि भारतीयों ने हमेशा नये विचारों का स्वागत किया है, उन्हें संरक्षण दिया है और देश की समृद्ध विविधता का जश्न मनाया है। उन्होंने कहा, “योग हमारी अंतरदृष्टि को विस्तार देता है। योग हमें उस चेतना से जोड़ता है, जो हमें जीव मात्र की एकता का एहसास कराती है, जो हमें प्राणी मात्र से प्रेम का आधार देती है। इसलिए हमें योग के जरिये हमारे अंतरविरोधों को खत्म करना है, हमें योग के जरिये हमारे गतिरोधों और प्रतिरोधों को भी खत्म करना है। हमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को विश्व के सामने एक उदाहरण के रूप में पेश करना है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इस साल खास है क्योंकि आर्कटिक से लेकर अंटार्कटिका तक, भारत के दो अनुसंधान केंद्र भी योग से जुड़ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर मोदी अपनी यात्रा के पहले चरण में न्यूयॉर्क में हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने एक साक्षात्कार में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस वर्ष योग उत्सव एक बहुत ही ‘अनोखा अवसर’ होगा क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी थे जिन्होंने यह दृष्टि दी थी और उनके नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया कि हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाए। कंबोज ने कहा, “इसलिए करीब नौ साल बाद, उस नजरिये को पेश करने वाला अवसर संयुक्त राष्ट्र में आया है।” उन्होंने कहा कि अब योग दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य अवसर है। उन्होंने कहा, “इसलिए दूरदर्शी नेता और संयुक्त राष्ट्र दोनों का एक साथ आना…, मुझे लगता है अपने आप में बहुत अनूठा है”। उन्होंने कहा कि योग कार्यक्रम को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। कंबोज ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत उत्साह है। इसे लेकर बहुत दिलचस्पी है। मैं कहूंगी, प्राचीन भारतीय अभ्यास योग सभी सीमाओं को पार कर गया है और यह एक वैश्विक घटनाक्रम बन गया है।” कंबोज ने कहा “तथ्य यह है कि मंच पर योग करने वाले बच्चे बहुत ही अनोखे होंगे। कुल मिलाकर मुझे लगता है कि यह अपनी तरह का एक अनूठा आयोजन होने जा रहा है।” संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने योग दिवस के लिए अपने संदेश में कहा कि योग एकजुट करता है। उन्होंने कहा, “यह शरीर और मन, मानवता और प्रकृति और दुनिया भर में लाखों लोगों को एकजुट करता है, जिनके लिए यह शक्ति, सद्भाव और शांति का स्रोत है।” गुतारेस ने कहा, ”खतरनाक और विभाजित विश्व में, इस प्राचीन व्यायाम के लाभ खासतौर से कीमती हैं। योग शांति को आश्रय देता है, यह चिंता को कम कर सकता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है। यह अनुशासन तथा धैर्य विकसित करने में हमारी मदद करता है। यह हमें हमारी धरती से जोड़ता है जिसे हमारे संरक्षण की अदद आवश्यकता है।” योग सत्र 21 जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के विशाल उत्तरी उद्यान में चलेगा, जहां पिछले साल दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के तहत भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र के लिए उपहार स्वरूप महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। यह प्रतिमा अब संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के उत्तरी उद्यान में “गर्व से सुशोभित” है जहां योग सत्र आयोजित किया जाएगा। ऐतिहासिक योग सत्र में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों, राजदूतों, दूतों, सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वैश्विक और प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि 180 से अधिक देशों के लोग यहां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले योग दिवस समारोह में भाग लेंगे, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों समेत राजनयिक, कलाकार, शिक्षाविद और उद्यमी शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों, एजेंसियों और सदस्य राष्ट्रों ने कहा है कि वे ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ”उत्सुक” हैं।
प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क शहर पहुंचे, भव्य स्वागत किया गया
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 21 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा के पहले चरण में मंगलवार देर रात न्यूयॉर्क शहर पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी का न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पहुंचने पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधु और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। इस दौरान अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए और उनका भव्य स्वागत किया। श्री मोदी बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे और प्रमुख सीईओ और अमेरिकी विचारक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क पहुचने पर ट्वीट किया, “न्यूयॉर्क शहर पहुंच गया हूं। बुधवार (21 जून) को विभिन्न नेताओं के साथ बातचीत और योग दिवस कार्यक्रम सहित यहां के कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।” श्री मोदी अमेरिकी विचारक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा, प्रधानमंत्री अमेरिका की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा पर हैं। श्री मोदी न्यूयॉर्क के जीवंत शहर में पहुंचे गए हैं।” गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी यहां पहुंचे है। श्री मोदी 24 जून तक अमेरिका रहेंगे और उसके बाद मिस्र के लिए रवाना होंगे।
राम के बिना नेपाल, सीता के बिना भारत अधूरा : मंत्री सुदन किरांती
काठमांडू, 20 जून: नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयनमंत्री सुदन किरांती ने कहा है कि राम के बिना नेपाल और सीता के बिना भारत अधूरा है। नेपाल और भारत एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किरांती ने नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज लुंबिनी में आयोजित कार्यक्रम में यह टिप्पणी क। मंत्री किरांती की यह महत्वपूर्ण टिप्पणी तब आई है जब भारतीय फिल्म आदिपुरुष में सीता की जन्मभूमि के संवाद के कारण काठमांडू में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। किरांती ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि उन मुद्दों पर विचार किया जाए जो परस्पर जुड़े हुए हैं और जिनका सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ की भारत यात्रा ने नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों को फिर से स्थापित किया है। उन्होंने कहा योग मानव कल्याण का ज्ञान है। कार्यक्रम में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा से पहले लोगों में गजब का उत्साह
वाशिंगटन, 19 जून (वेब वार्ता): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजकीय यात्रा को लेकर भारतीय-अमेरिकियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। उनकी यात्रा से कुछ दिन पहले सैकड़ों भारतवंशी देश के प्रमुख स्थानों पर एकत्र हुए और उनके समर्थन में नारेबाजी की। वाशिंगटन डीसी और उसके आसपास के इलाकों में सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी एकता का संदेश देने के लिए राष्ट्रीय स्मारक के पास एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि वे शहर में प्रधानमंत्री मोदी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून को अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। बाइडन दंपती 22 जून को प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वाशिंगटन के प्रतिष्ठित ‘रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग एंड इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर’ में 23 जून को आयोजित कार्यक्रम में भारतीय-प्रवासियों को संबोधित करेंगे। ”मोदी-मोदी” और भारत-अमेरिका दोस्ती के नारे लगाते हुए भारतीय-अमेरिकियों ने ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल की ओर एक घंटे से अधिक समय तक जुलूस निकाला, जहां कुछ लोग अचानक नृत्य भी करने लगे। इसी तरह के दृश्य अमेरिका में कई प्रतिष्ठित स्थानों जैसे न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर और सैन फ्रांसिस्को में गोल्डन गेट ब्रिज पर भी दिखाई दिए। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजकों ने कहा कि 20 शहरों से आने वाले ये दृश्य तथा वाशिंगटन डीसी व न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मोदी के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए टिकट को लेकर मच रही मारा-मारी देश में उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है। उद्यमी, परमार्थ कार्य करने वाले एवं ‘इंडियास्पोरा’ के संस्थापक एम. आर. रंगास्वामी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” यह मोदी का जादू है।” व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बृहस्पतिवार को आयोजित होने वाले मोदी के स्वागत समारोह में कई हजार भारतीय-अमेरिकियों के शामिल होने की उम्मीद है, जहां राष्ट्रपति बाइडन तथा प्रथम महिला डॉ. जिल बाइडन उनका स्वागत करेंगे। अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में मोदी का संबोधन सुनने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी अब भी टिकट की तलाश में हैं। वहीं सांसदों को यह तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है कि आगंतुक दीर्घा से प्रधानमंत्री के भाषण को सुनने के लिए वे अपना एक टिकट किसे दें। व्हाइट हाउस के लॉन में आयोजित होने वाले राजकीय रात्रिभोज में शामिल होने वाले मेहमानों की सूची जारी नहीं की गई है। प्रथम महिला के कार्यालय ने राजकीय रात्रिभोज से संबंधित कोई सूचना जारी नहीं की है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री के सम्मान में आयोजित होने वाले भोज में करीब 400 लोग शामिल होंगे। भारतीय-अमेरिकी सांसद एमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना तथा श्री थानेदार के अलावा माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला, गूगल के सुंदर पिचाई और फेडएक्स के राज सुब्रमण्यम सहित कुछ शीर्ष भारतीय-अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को राजकीय रात्रिभोज में आमंत्रित किए जाने की उम्मीद है।
उप राष्ट्रपति ने की कांगो के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात
नई दिल्ली, 15 जून: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के उप प्रधानमंत्री विताल कमरेह से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने यहां बताया कि दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान भारत और कांगो के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सुदृढ़ भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच आम जनता के आपसी संबंधों पर भी विचार विमर्श किया।
डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार दिये जाने के बावजूद भी लड़ सकते हैं राष्ट्रपति चुनाव
वाशिंगटन, 14 जून (वेब वार्ता): राष्ट्रपति पद से 2021 में हटने के बाद गोपनीय सरकारी दस्तावेज अवैध रूप से अपने पास रखने को लेकर अभ्यारोपित किये जाने के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में एक और कार्यकाल के लिए प्रचार अभियान जारी रख सकते हैं। ट्रंप(77) ने फ्लोरिडा के मियामी स्थित संघीय भवन में गोपनीय दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने से जुड़े आरोपों में मंगलवार को खुद को निर्दोष बताया। अमेरिका में पहली बार एक पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ संघीय आरोप लगाये गये हैं। यह अभ्यारोपण ट्रंप के खिलाफ दायर दूसरा आपराधिक मामला है। ट्रंप 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे हैं। अप्रैल की शुरूआत में, ट्रंप ने न्यूयार्क में अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और रिकार्ड में हेरफेर करने के 34 आरोपों का सामना करने के लिए अदालत में पेश हुए। उन्होंने इन आरोपों में भी खुद के दोषी नहीं होने की बात कही। उल्लेखनीय है कि नौ मई को ट्रंप, स्तंभकार ई जीन कैरोल द्वारा दायर किये गये एक दीवानी मामले में उत्तरदायी ठहराये गये थे जिसने दावा किया था कि उन्होंने (ट्रंप ने) उससे बलातकार किया और उनकी मानहानि की। हालांकि, जूरी ने यह नहीं पाया कि ट्रंप ने कैरोल से बलात्कार किया था लेकिन इस निष्कर्ष पर पहुंची कि उन्होंने उसका यौन उत्पीड़न किया। जूरी ने करीब 50 लाख अमेरिकी डॉलर अदा करने का ट्रंप को निर्देश दिया था। इन तीनों मामलों से यह प्रश्न उत्पन्न हो रहा था कि न्यूयॉर्क या फ्लोरिडा में दोषी ठहराये जाने की स्थिति में, या अब कैरोल मामले में उत्तरदायी ठहराये जाने के बाद भी क्या वह अमेरिकी राष्ट्रपति बन सकते हैं? क्या ट्रंप 2024 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगे? विशेषज्ञों के मुताबिक, कानूनी दृष्टिकोण से इसका संक्षिप्त जवाब ‘हां’ है। यदि ट्रंप को दोषी करार दिया जाता है तो कोई भी आरोप उन्हें पद ग्रहण करने से नहीं रोक सकेगा। सुनवाई अब से लेकर कई महीनों तक चलेगी, और ट्रंप इस अवधि के दौरान मुक्त होकर प्रचार कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैरोलाइना, लॉस एंजिलिस, के प्रोफेसर रिचर्ड हासेन ने सीएनएन से कहा, ”ट्रंप को, अभ्यारोपित होने पर या दोषी करार दिये जाने के बावजूद भी कोई भी चीज चुनाव लड़ने से नहीं रोकती । अमेरिकी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए एक उम्मीदवार को जन्म से अमेरिकी नागरिक होना चाहिए, उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष हो और कम से कम 14 वर्षों तक अमेरिका का निवासी हो। हालांकि, कुछ और भी संवैधानिक प्रतिबंध हैं जो एक व्यक्ति को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक सकते हैं, लेकिन वे ट्रंप पर लागू नहीं होते।
भारत की राष्ट्रपति को सूरीनाम का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
पैरामारिबो, 06 जून (वेब वार्ता): भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सूरीनाम के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड ऑर्डर ऑफ द चेन ऑफ द येलो स्टार’ से सम्मानित किया गया है। सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के लिए भारतीय राष्ट्रपति मुर्मू को सम्मानित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने सम्मान समारोह के दौरान संबोधन में कहा कि वे सूरीनाम के सबसे बड़े सम्मान से सम्मानित होकर काफी खुश हैं। इस सम्मान से सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने इस सम्मान का श्रेय भारतीय-सुरीनामी समुदाय के लोगों को दिया और कहा कि उनके कारण हमारे रिश्तों में अधिक मजबूती आई है। भारतीय राष्ट्रपति ने सूरीनाम में भारतीयों के पहुंचने की 150वीं सालगिरह पर आयोजित सांस्कृतिक समारोह में भी सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे सूरीनाम की पहली यात्रा पर आई हैं। दोनों देशों के बीच अत्यधिक साम्य है। उन्हें लग रहा है कि वे अपने ही घर में हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोमवार को सूरीनाम के राष्ट्रपति संतोखी से मुलाकात करने के बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सूरीनाम आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। सूरीनाम के आतिथ्य और स्वागत से बहुत अभिभूत होने की बात कहकर उन्होंने भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और सूरीनाम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की नींव हैं। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने भारत और सूरीनाम के बीच विशेष मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर भी हस्ताक्षर किये।
एलन मस्क फिर से बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, कौन है दुनिया के टॉप 20 अरबपति?
लंदन, 01 जून (वेब वार्ता): टेस्ला इंक के सीईओ एलन मस्क फिर से दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। एलन मस्क ने लग्जरी ब्रांड टाइकून बर्नार्ड अर्नाल्ट को पछाड़ा। बता दें कि बर्नार्ड अर्नाल्ट की कंपनी एलवीएमएच के शेयरों में बुधवार को 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जिसके चलते अर्नाल्ट को नुकसान उठाना पड़ा और वह सबसे अमीर बिजनेसमैन की लिस्ट में दूसरे नंबर पर खिसक गए। अर्नाल्ट ने लग्जरी ब्रांड से जमाया था सिक्का बता दें कि ब्लूमबर्ग बिलयनेयर इंडेक्स में इस साल एलन मस्क और बर्नार्ड अर्नाल्ट के बीच सबसे अमीर इंसान बनने के लिए कड़ा मुकाबला रहा और दोनों की संपत्ति में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। बीते साल दिसंबर में जब टेक इंडस्ट्री मुश्किलों से गुजर रही थी तो मस्क की संपत्ति में गिरावट आई। जिसका फायदा अर्नाल्ट की कंपनी एलवीएमएच को मिला। बता दें कि एलवीएमएच लग्जरी ब्रांड जैसे लुई विटॉन, फेंडी और हेनेसी की निर्माता कंपनी है। महंगाई ने दिया झटका हालांकि इस साल बढ़ती महंगाई से अर्नाल्ट को झटका लगा है। बढ़ती महंगाई के चलते लग्जरी ब्रांड की बिक्री में भी गिरावट आई है। खासकर चीन, जो कि दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, वहां भी एलवीएमएच की बिक्री में कमी देखी गई है। इसके चलते अप्रैल से एलवीएमएच के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। वहीं मस्क ने इस साल अपनी संपत्ति में करीब 53 बिलियन डॉलर का इजाफा किया है। मस्क की संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा टेस्ला का है, जो कि 71 प्रतिशत है। मस्क की मौजूदा संपत्ति 192 बिलियन डॉलर है। वहीं अर्नाल्ट की संपत्ति 186 बिलियन डॉलर है। ये हैं दुनिया के टॉप 20 अरबपति नाम संपत्ति अरब डॉलर में एलन मस्क $192 बर्नार्ड अर्नाल्ट $187 जेफ बेजोस $144 बिल गेट्स $125 लैरी एलिसन $118 स्टीव बालमर $114 वॉरेन बफे $112 लैरी पेज $111 सर्गेई ब्रिन $106 मार्क जुकरबर्ग $96.5 कार्लोस स्लिम $89.4 फ्रेंकोइस बेटनकोर्ट मेयर्स $85.5 मुकेश अंबानी $84.7 अमानसियो ओर्टेगा $67.8 जिम वॉल्टन $67.2 रॉब वॉल्टन $65.5 एलिस वॉल्टन: $64.4 झोंग शैनशेन $61.5 गौतम अदाणी $61.3 जॉन मार्स $60.6
विदेश मंत्री एस.जयशंकर एक से छह जून तक दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की करेंगे यात्रा
नई दिल्ली, 31 मई (वेब वार्ता): विदेश मंत्री एस. जयशंकर केपटाउन में पांच देशों के समूह ब्रिक्स के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बृहस्पतिवार से दक्षिण अफ्रीका की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के बाद चार से छह जून तक वह नामीबिया की यात्रा पर जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार, ”विदेश मंत्री केपटाउन में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए एक से तीन जून तक दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करेंगे।” ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देशों को एक साथ लाता है। यह वैश्विक आबादी के 41 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 16 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। केपटाउन में ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने के अलावा जयशंकर अपने दक्षिण अफ्रीकी समकक्ष नालेदी पांडोर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और उनके ब्रिक्स के अन्य विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने और ‘फ्रेंड्स ऑफ ब्रिक्स’ में हिस्सा लेने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर केपटाउन में भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत करेंगे। नामीबिया की उनकी यात्रा भारत के किसी विदेश मंत्री द्वारा इस अफ्रीकी देश की पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ”यात्रा के दौरान विदेश मंत्री देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और सरकार के अन्य मंत्रियों से भी मिलेंगे।” मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर संयुक्त आयोग की बैठक के उद्घाटन सत्र की सह-अध्यक्षता नामीबिया के उप प्रधानमंत्री नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह के साथ करेंगे। वह नामीबिया में बसे भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगे। मंत्रालय के अनुसार, ”विदेश मंत्री की दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की यात्रा से इन दोनों देशों के साथ भारत के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के और गहरा होने की उम्मीद है।”