स्वीडन में कुरान जलाने का पाकिस्तान में होगा सरकारी विरोध

इस्लामाबाद, 05 जुलाई: स्वीडन में ईद के मौके पर कुरान जलाए जाने को लेकर पाकिस्तान में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को पवित्र कुरान दिवस मनाने के साथ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि इस मसले पर संयुक्त संसदीय सत्र भी बुलाया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में फैसला लिया गया है कि स्वीडन में कुरान के अपमान के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों समेत देश के हर हिस्से के लोगों से इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का आग्रह किया है। शुक्रवार सात जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और सरकार उससे पहले छह जुलाई को संसद का संयुक्त सत्र बुलाएगी। बैठक में तय हुआ कि पाकिस्तान संसद पवित्र कुरान के अपमान की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित करेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पार्टी को पवित्र कुरान दिवस में भाग लेने और देशव्यापी रैलियों के आयोजन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कुछ लोग इस्लाम के खिलाफ आग भड़काने की एक भयावह योजना बना रहे थे। पवित्र कुरान की पवित्रता मुसलमानों को एकजुट करती है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि जो नेता देश में शांति और सह-अस्तित्व को महत्व देते हैं, उन्हें नस्लवाद और इस्लामोफोबिया से प्रेरित विनाशकारी ताकतों को दबाना चाहिए। उन्हें धार्मिक पूर्वाग्रहों से ग्रस्त हिंसक ताकतों पर अंकुश लगाना चाहिए। दरअसल, स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक व्यक्ति ने ईद के मौके पर खुले आम मुस्लिम समाज के धर्मग्रंथ कुरान को जला दिया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, मोरक्को, इराक और ईरान सहित कई देशों ने कड़ी निंदा की थी। इसे लेकर स्वीडन की सरकार भी कठघरे में है, क्योंकि संबंधित व्यक्ति को सरकार से कुरान के विरोध की अनुमति मिली थी।

सऊदी अरब में बिना अनुमति के हज यात्रा करने वाले 17 हजार से अधिक लोग हिरासत में

रियाद, 03 जुलाई: सऊदी अरब की पुलिस ने यहां के अधिकारियों की अनुमति के बिना हज यात्रा करने का प्रयास करने वाले 17 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। एसपीए ने बताया कि सऊदी सुरक्षा बलों ने हज के लिए आवश्यक कानूनी मंजूरी के बिना यात्रा कर रहे करीब 17,615 लोगों को हिरासत में लिया, इनमें से 9,509 लोगों ने निवास, कार्य और सीमा सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन किया। एजेंसी ने बताया कि तीर्थयात्रियों को बिना अनुमति के हज स्थलों तक ले जाने के आरोप में अन्य 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह, 20 लाख से अधिक लोगों ने हज किया, जो मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का की वार्षिक इस्लामी तीर्थयात्रा है। एजेंसी के अनुसार, कोरोनावायरस के बाद से यह पहली बार है, जब सऊदी अधिकारियों ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हज करने की अनुमति दी।

फ्रांस में हिंसा के बीच सत्रह वर्षीय नाहेल को दफनाया गया, अब तक तीन हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार

पेरिस, 02 जुलाई : फ्रांस में अल्जीरियाई मूल के सत्रह वर्षीय नाहेल की पुलिस गोली से हुई मौत के विरोध में समूचा फ्रांस सुलग रहा है। धरना, आगजनी और प्रदर्शन जारी रहा है। हिंसा से घिरे फ्रांस में पांचवीं रात सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच शनिवार (फ्रांस के समयानुसार) को नाहेल को पेरिस के उपनगर नान्टेरे में दफना दिया गया। अंतिम संस्कार में उसकी मां और दादी के साथ सैकड़ों लोग शांतिपूर्वक शामिल हुए। दोपहर के समय नान्टेरे की मस्जिद में एक समारोह हुआ और क्षेत्र के विशाल मोंट वेलेरियन कब्रिस्तान में अंत्येष्टि हुई। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार से प्रस्तावित अपनी जर्मनी यात्रा स्थगित कर दी है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की बैठक छोड़कर स्वदेश लौटे। अब तक फ्रांस में 3000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए 45,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी सड़कों पर हैं। इस हालात के मद्देनजर ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से कहा है वह फ्रांस की यात्रा न करें।

किशोर हत्याकांड को लेकर फ्रांस में उग्र प्रदर्शन जारी, 270 लोग हिरासत में

पेरिस, 01 जुलाई: फ्रांस में पेरिस के उपनगर नैनटेरे में गत मंगलवार को यातायात नियमों का उल्लंधन करने के आरोप में पुलिस अधिकारी द्वारा किशोर कार चालक की गोली मारकर हत्या किये जाने के बाद से देश भर में उग्र प्रदर्शन जारी है और अबतक 270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। श्री डमैंनिन ने कल रात टि्वटर पर कहा कि फिलहाल 270 लोग पहले से ही हिरासत में है जिसमें से 80 से ज्यादा से देश के दूसरे सबसे बड़े राज्य मार्सैय में हैं। वहां पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल पहुंच रहे हैं। उन्होंने टीएफ1 टीवी को बताया कि विशेष इकाइयों सहित 45,000 से अधिक कानून प्रवर्तन अधिकारी फ्रांस में दंगों के खिलाफ लड़ाई में शामिल हैं। जबकि देश में उग्र प्रदर्शनों के पहले तीन दिनों में 300 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए। रेडिया नेटवर्क ‘फ्रांस इन्फो’ ने शनिवार को एक सरकारी सूत्र के हवाले से खबर दी कि देश में जारी अशांति के बीच प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने सभी कैबिनेट मंत्रियों से पेरिस लौटने और वहीं रहने का आग्रह किया है। श्री डर्मैनिन ने पेरिस के अधिकारियों से दंगे कम होने तक स्थानीय समयानुसार 21:00 बजे (19:00 जीएमटी) से आतिशबाजी, पेट्रोल कनस्तरों और अन्य रासायनिक और अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री और परिवहन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने को कहा।. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने फ्रांस में पुलिस अधिकारी द्वारा किशोर की हत्या के बाद फ्रांसीसी सरकार से ‘कानून प्रवर्तन में नस्लवाद और भेदभाव की गहरी समस्याओं को गंभीरता से लेने का कल आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि मंगलवार सुबह पेरिस के उपनगर नैनटेरे में यातायात नियमों का उल्लंधन पर एक पुलिस अधिकारी ने कार चालक नाहेल एम. (17) को गोली मार दी थी, जिसकी बाद में मौत हो गयी। इस घटना के बाद पूरे देश में दंगे भड़के उठे। हिंसक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की और सार्वजनिक भवनों और वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। आरोपी पुलिस अधिकारी हिरासत में है।

प्रधानमंत्री मोदी काहिरा में गीजा के पिरामिड देखने पहुंचे

काहिरा, 25 जून : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को दुनिया के सात अजूबों में शामिल मिस्र की राजधानी के बाहरी इलाके में गीजा के पिरामिड देखने पहुंचे। मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली के साथ मोदी ने उत्तरी मिस्र में अल-जिजा (गीजा) के पास नील नदी के पश्चिमी तट पर स्थित एक चट्टानी पठार पर बने तीन पिरामिड को देखा। मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली के साथ मोदी ने उत्तरी मिस्र में अल-जिजा (गीजा) के पास नील नदी के पश्चिमी तट पर स्थित एक चट्टानी पठार पर बने तीन पिरामिड को देखा। इसका निर्माण मिस्र के चौथे राजवंश के समय में हुआ था। मोदी ‘गीजा के ग्रेट पिरामिड’ के बारे में जानकारी लेते हुए दिखे, जो मिस्र का सबसे बड़ा पिरामिड है। यह पुराने साम्राज्य के चौथे राजवंश के शासक खुफू की कब्र पर बना है। प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरों के साथ ट्वीट किया, ”मैं पिरामिड की यात्रा पर मेरे साथ आने के लिए प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली को धन्यवाद देता हूं। हमने अपने राष्ट्रों के सांस्कृतिक इतिहास और आने वाले समय में इन संबंधों को कैसे गहरा किया जाए, इस पर गहन चर्चा की।” पिरामिड प्राचीन विश्व के सात अजूबों में से सबसे पुराना है, जिसका निर्माण 26वीं शताब्दी ईसा पूर्व की शुरुआत में लगभग 27 वर्षों की अवधि में हुआ था। यह एकमात्र ढांचा है, जो काफी हद तक मूल स्वरूप में बरकरार है। राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर मोदी ने मिस्र की दो दिवसीय राजकीय यात्रा की।

प्रधानमंत्री मोदी मिस्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ से अलंकृत

काहिरा/नई दिल्ली, 25 जून: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने काहिरा में आज भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ सम्मान से अलंकृत किया। ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ मिस्र का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी मिस्र की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर शनिवार से राजधानी काहिरा में हैं। राजकीय यात्रा के आखिरी दिन काहिरा में प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात की। इस दौरान कई द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने काहिरा स्थित हेलियोपोलिस वॉर मेमोरियल का दौरा किया। हेलियापोलिस वॉर मेमोरियल भारत के लिए काफी अहम है। प्रथम विश्व युद्ध में शहीद करीब चार हजार सैनिकों की वीरगाथा यहां दर्ज हैं। नरेन्द्र मोदी ने इन शहीदों को नमन किया और इन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां की ऐतिहासिक अल-हाकिम मस्जिद का दौरा किया। इस दौरान मौजूद लोगों से बात भी की। यह मस्जिद 13,560 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इसका जीर्णोद्धार बोहरा समुदाय ने कराया था।24 नवंबर,1980 में यह नए रूप में लोगों के सामने आई। इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी दाऊदी बोहरा समुदाय के 52वें धर्मगुरु सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने ली थी। इसमें कुल 27 महीने लगे। इस मस्जिद को ऐतिहासिक काहिरा के हिस्से के रूप में 1979 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया था।

पीएमसी वैगनर के सदस्य रूस के रोस्तोव को छोड़कर फील्ड शिविरों की ओर लौटे’

मास्को, 25 जून: वैगनर समूह की निजी सैन्य कंपनी (पीएमसी) के सदस्यों ने रूस के रोस्तोव को छोड़ दिया है और फील्ड शिविरों की ओर जा रहे हैं। रोस्तोव के क्षेत्रीय गवर्नर वासिली गोलूबेव ने यह जानकारी दी है। उन्होंने आधी रात के तुरंत बाद टेलीग्राम पर कहा, “पीएमसी वैगनर का दस्ता रोस्तोव को छोड़कर अपने फील्ड कैंप की ओर जा रहा है।” वहीं रूस न्यूज एजेंसी स्पूतनिक ने शनिवार देर रात अपनी रिपोर्ट में बताया कि वैगनर के सदस्यों ने रोस्तोव-ऑन-डॉन शहर में रूस के दक्षिणी सैन्य जिले के मुख्यालय के क्षेत्र को छोड़ना शुरू कर दिया है और शहर में स्थिति शांत है। इससे पहले दिन में बेलारूस के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि पीएमसी वैगनर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने रूस में वैगनर सैनिकों की आवाजाही को रोकने, स्थिति को शांत करने हेतु कदम उठाने के बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। श्री प्रिगोझिन ने बाद में जानकारी की पुष्टि करते हुए कहा कि वैगनर सैनिक अपने फील्ड शिविरों में वापस लौट रहे हैं।

भारत, अमेरिका की सरकारों ने तैयार की जमीन, उद्योग जगत को इसका फायदा उठाने की जरूरत : मोदी

वाशिंगटन/नई दिल्ली, 24 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और अमेरिका की सरकारों ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय के लिए जमीन तैयार कर दी है और अब इसका लाभ उठाने की जिम्मेदारी कॉरपोरेट क्षेत्र एवं प्रस्तावकों की है। वाशिंगटन के केनेडी सेंटर में शुक्रवार को भारत और अमेरिका के शीर्ष कारोबारियों और समाज सेवियों के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अन्य प्रमुख सदस्यों को संबोधित करते हुए मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-अमेरिका साझेदारी सहूलियत पर नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास, साझा प्रतिबद्धताओं और संवेदनाओं पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका की उनकी पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान पिछले तीन दिनों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। मोदी ने ‘यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि रक्षा से लेकर विमानन, व्यावहारिक सामग्री से लेकर विनिर्माण और आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक, भारत और अमेरिका अब सबसे विश्वसनीय साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने व्यापारिक समुदाय से आगे आने और इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि भारत की हर विकास परियोजना अमेरिकी सपने को और मजबूती देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे के विकास में रिकॉर्ड 125 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत की विकास गाथा में अमेरिका और देश के कॉरपोरेट समुदाय के लिए असीमित अवसर हैं। मोदी ने सभागार में मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ”आपके लिए, यह सबसे पहले और तेजी से आगे आकर लाभ उठाने का समय है।”              

अमेरिका की राजकीय यात्रा समाप्त कर अपनी पहली यात्रा पर, मिस्र रवाना हुए मोदी

वाशिंगटन/नई दिल्ली, 24 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा के बाद अपनी पहली मिस्र यात्रा के लिए हुए रवाना हो गये है। श्री मोदी 24 से 25 जून तक मिस्र की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह दोनों देशों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने तथा व्यापार एवं आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। श्री मोदी ने ट्वीट किया कि अमेरिका की बहुत विशेष यात्रा का समापन, दोनों देशों के बीच परस्पर रिश्तों की एक नई और गौरवशाली यात्रा आरंभ हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई कार्यकमों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित विभिन्न नेताओं और व्यवसायियों से बातचीत का अवसर मिला। दोनों देश भविष्य में एक- दूसरे के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से हमारे लोगों को लाभ होगा। मैं राष्ट्रपति बाइडेन और अमेरिकी लोगों को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं।

मोदी ने पर्यावरण अनुकूल प्रयोगशाला में तैयार 7.5 कैरेट का हीरा जिल बाइडन को उपहार में दिया

वाशिंगटन, 22 जून: तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन को कश्मीर के अति सुंदर पेपरमेशी के छोटे से बॉक्स में 7.5 कैरेट का हीरा उपहार में दिया है। इस हीरे को एक पर्यावरण हितैषी (ईको-फ्रेंडली) प्रयोगशाला में तैयार किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के लिए एक रात्रिभोज की मेजबानी की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की, उपहारों का आदान-प्रदान किया और भारत के विभिन्न क्षेत्रों के संगीत का लुत्फ उठाया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा, ”भारत का हीरा! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर के उत्तम पेपरमेशी बॉक्स में रखे इस खूबसूरत पर्यावरण अनुकूल हीरे को अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन को उपहार में दिया।” हीरा पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि इसके निर्माण में सौर और पवन ऊर्जा जैसे संसाधनों का उपयोग किया गया है। हरित हीरे को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके सटीकता और देखभाल के साथ गढ़ा गया है। यह प्रति कैरेट केवल 0.028 ग्राम कार्बन उत्सर्जित करता है और जेमोलॉजिकल लैब (रत्नविज्ञान प्रयोगशाला), आईजीआई (इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट) द्वारा प्रमाणित है। भारत, देश की प्रयोगशालाओं में विकसित हीरे (एलजीडी) के विनिर्माण को बढ़ावा दे रहा है और इसके लिए सरकार ने पिछले आम बजट में कुछ कदमों की घोषणा की थी। सरकार ने एलजीडी बीजों पर सीमा शुल्क को पांच प्रतिशत से हटाने की घोषणा की थी। इसने एलजीडी मशीनरी, बीज और नुस्खा के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास को पांच साल के अनुसंधान अनुदान को भी मंजूरी दी। आईआईटी मद्रास में 5 वर्षों में 242.96 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ लैब-विकसित डायमंड (इनसेंट-एलजीडी) के लिए एक इंडिया सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है। प्रयोगशाला में विकसित हीरे का उत्पादन दो प्रौद्योगिकियों के माध्यम से किया जाता है। इसमें उच्च दबाव उच्च तापमान (एचपीएचटी) और रासायनिक वाष्प जमाव (सीवीडी) शामिल है। भारत सीवीडी तकनीक का उपयोग करके इन हीरों का उत्पादन करने वाले प्रमुख उत्पादकों में से एक है।