अबू धाबी, 15 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एक दिवसीय ‘सार्थक’ यात्रा संपन्न कर स्वदेश रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने यूएई प्रवास के दौरान राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी ने ट्वीट किया, ” यूएई की सार्थक यात्रा संपन्न की। दोनों देशों ने हमारी धरती को बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ विभिन्न मुद्दों पर वार्ता की। मैं महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को उनके द्वारा गर्मजोशी से की गई मेजबानी के लिए धन्यवाद देता हूं।” दोनों नेता स्थानीय मुद्राओं में कारोबार करने, भारत और यूएई की त्वरित भुगतान प्रणालियों को जोड़ने एवं यूएई में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का परिसर खोलने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी यूएई के राष्ट्रपति द्वारा उनके सम्मान में दिए गए भोज में शामिल होने के बाद स्वदेश रवाना हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ”इस यात्रा को परिवर्तनकारी परिणामों से परिभाषित किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूएई की सफल यात्रा के बाद नयी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की यात्रा संपन्न कर संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना
पेरिस, 15 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा संपन्न करने के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक तथा सैन्य सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सफल यात्रा के बाद फ्रांस से विदायी ली। इस यात्रा ने भारत-फ्रांस संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री अब अगली चरण की यात्रा के लिए विमान से अबू धाबी के लिए रवाना हो गए हैं।” संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान मोदी शीर्ष नेतृत्व के साथ खासतौर पर ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों पर बातचीत कर सकते हैं। इस दौरान दोनों रणनीतिक साझेदार देश एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से वार्ता करेंगे।
भारत के प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे संयुक्त अरब अमीरात, राष्ट्रपति नाहयान से द्विपक्षीय संबंधों पर बैठक
अबू धाबी, 15 जुलाई : भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस की यात्रा पूरी करने के बाद आज (शनिवार) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी पहुंच गए। संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने जोरदार स्वागत किया। अबू धाबी पहुंचने के बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई । प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के यहां पहुंचने से कुछ घंटे पहले यूएई ने कहा कि भारत के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के इतिहास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी ने कहा कि नई दिल्ली के साथ गैर-तेल व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
मोदी को मिला फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान
पेरिस/नई दिल्ली, 14 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक एवं सैन्य सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया है। फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार देर रात पेरिस के एलिसी पैलेस में एक समारोह में श्री मोदी को इस सम्मान से अलंकृत किया। भारतीय प्रधानमंत्री को पहली बार फ्रांस का सर्वोच्च सैन्य नागरिक सम्मान प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों की ओर से इस अद्वितीय सम्मान के लिए श्री मैक्रोन को धन्यवाद दिया। पूर्व में, ‘लीजन ऑफ ऑनर का ग्रैंड क्रॉस’ दुनिया भर के चुनिंदा नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया गया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, वेल्स के तत्कालीन राजकुमार एवं ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स, जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बुतरस बुतरस घाली समेत कई हस्तियां शामिल हैं। फ्रांस द्वारा दिया गया यह सम्मान श्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों की श्रृंखला में एक और सम्मान है। इनमें जून 2023 में मिस्र द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’, मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी द्वारा ‘कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू’, मई 2023 में फिजी द्वारा ‘कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’, मई 2023 में पलाऊ गणराज्य द्वारा ‘एबाकल’ अवार्ड शामिल हैं। वर्ष 2021 में भूटान द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’, 2020 में अमेरिकी सरकार द्वारा ‘लीजन ऑफ मेरिट’, 2019 में बहरीन द्वारा ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’, 2019 में मालदीव द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’, 2019 में रूस द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू’ पुरस्कार, 2019 में यूएई द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ अवॉर्ड, 2018 में ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ अवॉर्ड, 2016 में अफगानिस्तान द्वारा ‘स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान’ और 2016 में सउदी अरब द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ अब्दुलअजीज अल सऊद’ शामिल हैं।
पेरिस पहुंचे मोदी, फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ ने किया स्वागत
पेरिस, 13 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जुलाई (गुरुवार) को अपने दो दिवसीय दौरे के तहत फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गए हैं। पीएम का विमान पेरिस के ओरली हवाई अड्डे पर उतर गया है। आपको बता दें कि भारतीय समयानुसार शाम के करीब 7:30 बजे पीएम मोदी सीनेट पहुंचेंगे। इस दौरान वह सीनेट के अध्यक्ष गेराड लार्चर से मुलाकात करेंगे। पीएम एलिजाबेथ बोर्न ने किया पीएम मोदी का भव्य स्वागत एयरपोर्ट पर फ्रांस की पीएम एलिजाबेथ बोर्न ने पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। वहीं, फ्रांस की सेना ने पीएम मोदी के सम्मान में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान फ्रांस की सेना ने पहले भारत के राष्ट्रगान का धुन बजाया। इसके बाद, फ्रांस के राष्ट्रगान का धुन बजाया गया। भारतीय समुदाय ने लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस के होटल प्लाजा एथेनी पहुंचते ही होटल के बाहर भारी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग पीएम मोदी के स्वागत के लिए जमा हुए। हाथों में तिरंगा लेकर उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। पीएम मोदी करेंगे फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ व्यापक चर्चा बता दें कि फ्रांस के लिए रवाना होने से पहले, पीएम मोदी ने कहा था कि वह लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को आगे बढ़ाने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय पेरिस यात्रा के दौरान रक्षा और अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। क्या है पीएम मोदी का 14-15 जुलाई का कार्यक्रम? पीएम मोदी 14 जुलाई को पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रीय दिवस के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आपको बता दें कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ है। परेड के बाद प्रधानमंत्री फ्रांस की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में शामिल होंगे। इसके बाद, वह पीएम मोदी फ्रांसीसी कंपनियों के सीईओ के साथ मुलाकात करेंगे। वहीं, फ्रांस से लौटते वक्त 15 जुलाई को पीएम मोदी यूएई जाएंगे। इस अहम यात्रा के दौरान वह यूएई के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से चर्चा करेंगे। यह यात्रा ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष ‘प्रचंड’ की पत्नी के निधन पर शोक जताया
नई दिल्ली, 12 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ की पत्नी सीता दाहाल के निधन पर शोक जताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सीता लंबे समय से तंत्रिका तंत्र संबंधी एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थीं। 69 वर्षीय सीता ने बुधवार को काठमांडू के नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में अंतिम श्वांस ली। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ”सीता दाहाल के निधन से बहुत दुखी हूं। मैं प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”
अमेरिका में विमान दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत, एक घायल
सैन फ्रांसिस्को, 10 जुलाई : अमेरिका में पश्चिमी प्रांत कैलिफ़ोर्निया के सैन राफेल हवाई अड्डे पर शनिवार रात एक विमान दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रांत नेवादा के मिंडेन से रवाना हुआ, विमान रनवे की ओर आ रहा था उसी दौरान, विमान की टेल फिन बिजली के तारों से टकराकर पास में ही दलदल में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इसमें सवार दो व्यक्तियों में से एक की मौत हो गयी और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मैरिन काउंटी शेरिफ कार्यालय ने ट्वीट किया, “पायलट की हालत गंभीर है, जबकि उसके यात्री की मौत हो गई।”
मलेशिया के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री तथा रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ
नई दिल्ली, 10 जुलाई : मलेशिया की यात्रा पर गये रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को वहां के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ अलग-अलग मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के बारे में विस्तार से बातचीत की। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ कुआलालंपुर में मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वह श्री इब्राहिम के सकारात्मक दृष्टिकोण तथा भारत- मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ बनाने की उनकी रूचि की सराहना करते हैं। श्री सिंह ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दी। मलेशिया के रक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद श्री सिंह ने ट्वीट कर कहा, “रक्षा मंत्री मोहम्मद हसन के साथ कुआलालंपुर में बैठक अच्छी रही। हमने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की और भारत- मलेशिया रक्षा सहयोग के चौथे दशक के रोड़मैप पर चर्चा की।” दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी बातचीत की। दोनों मंत्रियों ने मलेशिया-भारत रक्षा सहयोग समिति की इस महीने भारत में होने वाली बैठक पर भी सहमति व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच 1993 में रक्षा क्षेत्र में सहयोग से संबंधित समझौता ज्ञापन में संशोधन को भी पत्रों का आदान प्रदान कर मंजूरी दी। श्री सिंह ने मलेशिया के विदेश मंत्री डा जम्बरी अब्दुल कादिर से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने परस्पर हित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देश भारत-मलेशिया सामरिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के पक्षधर हैं। श्री सिंह मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रविवार देर रात कुआलालंपुर पहुंचे थे जहां उन्हें पारंपरिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
बाइडेन ने यूक्रेन को कल्स्टर बम देने के फैसले का किया बचाव
वाशिंगटन, 08 जुलाई: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को कलस्टर बमों की आपूर्ति करने के अमेरिकी फैसले का यह कहते हुए बचाव किया है कि यह बेहद मुश्किल फैसला था, लेकिन यूक्रेन के पास लगातार हथियारों की कमी को देखते हुए यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्थानीय मीडिया को दिये साक्षात्कार में कहा कि यूक्रेन को कल्स्टर बमों की आपूर्ति किये जाने के फैसले पर मुहर लगाने में काफी समय लगा, लेकिन युद्ध में यूक्रेन के पास गोला बारूद कम होता जा रहा था। इसी कारण से यह बेहद मुश्किल फैसला किया गया है और इससे पहले उन्होंने सहयागी देशों से भी बात की है। उन्होंने कहा कि नाटो का शिखर सम्मेलन लिथुआनिया में अगले सप्ताह होने जा रहा है। यूक्रेन के नेताओं ने इसे समय पर उठाया गया बड़ा कदम बताते हुए इसकी सराहना की, लेकिन मानवाधिकार समूहों और कुछ डेमोक्रेट्स ने इस फैसले की आलोचना की है। रूस ने भी अमेरिका के इस फैसले की आलोचना की है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने शुक्रवार की दैनिक व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में कहा कि अधिकारी मानते हैं कि क्लस्टर हथियार बिना विस्फोट वाले बमों से नागरिक क्षति होने का खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा “यही कारण है कि हमने निर्णय को यथासंभव लंबे समय के लिए टाल दिया था, लेकिन अब यूक्रेन में हथियार और तोपें ख़त्म हो रहे हैं और उसे आपूर्ति के एक पुल की ज़रूरत है, जबकि अमेरिका घरेलू उत्पादन बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हम युद्ध के दौरान किसी भी समय यूक्रेन को असहाय नहीं छोड़ेंगे।” विस्फोट की अनियंत्रित प्रकृति ने इस युद्ध सामग्री को लेकर विवाद पैदा किया है। कलस्टर बम लंबे समय तक बिना विस्फोट के जमीन पर पड़े रह सकते हैं और फिर अचानक से ही फट भी सकते हैं और इसी कारण यह लोगों के लिए खतरनाक हो गये हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका यूक्रेन की मदद को जो बम भेज रहा है वह बम उन बमों की तुलना में फिर भी बहुत हद तक सुरक्षित हैं जिनका इस्तेमाल रूस पहले से ही कर रहा है। दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर से मार्टा हर्टाडो ने कल कहा, “इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल तुरंत बंद होना चाहिए और किसी भी स्थान पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।” यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले को बहुप्रतीक्षित बताते हुए सही समय पर सैन्य सहायता मुहैया कराने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया है। खारकीव में क्लस्टर युद्ध सामग्री के व्यापक उपयोग के साक्ष्य रहे मानवाधिकार समूहों ने अमेरिका के इस निर्णय की आलोचना की, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि क्लस्टर युद्ध सामग्री संघर्ष समाप्त होने के लंबे समय बाद भी नागरिक जीवन के लिए एक गंभीर खतरा है। यूक्रेन को क्लस्टर हथियार भेजने के निर्णय पर कैपिटल हिल पर अमेरिकी सांसदों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है, कुछ डेमोक्रेट ने निर्णय को खतरनाक और एक भयानक गलती करार दिया है।
अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गोलीबारी, 10 लोगों की मौत
वाशिंगटन, 05 जुलाई: अमेरिका में चार जुलाई को स्वतंत्रता दिवस की पुर्व संध्या पर फिलाडेल्फिया, बाल्टीमोर और फोर्ट वर्थ, टेक्सास में बड़े पैमाने पर हुई गोलीबारी की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। समाचार पत्र ‘डॉन’ ने बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। यह अमेरिका में बंदूक-हिंसा को रोकने में दशकों पुरानी विफलता की याद तरोताजा करता है। पुलिस ने कहा कि फोर्ट वर्थ में एक स्थानीय कार्यक्रम के बाद हुई गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए। फिलाडेल्फिया में सोमवार शाम को बुलेट प्रूफ जैकेट पहने एक संदिग्ध ने लोगों पर गोलीबारी की जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घायलों में एक बच्चा और एक किशोर भी शामिल है। इस घटनाओं से एक दिन पहले बाल्टीमोर में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि 28 अन्य घायल हो गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने इन हमलों की निंदा की है और अमेरिका में बंदूक कानूनों को कड़ा करने का फिर से आह्वान किया है। व्हाइट हाउस द्वारा कल जारी एक बयान में बाइडेन ने कहा कि बंदूक हिंसा जैसी ‘महामारी’ से निपटने के लिए हमें और ज्यादा कार्रवाई करने की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा, “हमारा देश एक बार फिर दुखद और मूर्खतापूर्ण गोलीबारी की घटनाओं का शिकार हुआ है।” बाइडेन ने रिपब्लिकन सांसदों से सार्थक और सामान्य सुधारों पर बातचीत करने के लिए बैठक बुलाई है। अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन सांसद प्रायः बंदूक सुरक्षा कानूनों में महत्वपूर्ण सुधार की कोशिशों को अवरुद्ध करते हैं और असॉल्ट हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के बाइडेन के दबाव का विरोध करते हैं। फिलाडेल्फिया की पुलिस आयुक्त डेनियल आउटलॉ ने कहा कि पुलिस एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान 40 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। उसके पास से अन्य हथियारों के साथ एक असॉल्ट राइफल बरामद हुआ है। पुलिस ने कहा है कि वह बाल्टीमोर गोलीबारी की घटना में कई संदिग्धों की तलाश कर रही है। गोलीबारी की ताजा घटना पिछले वर्ष शिकागो के हाईलैंड पार्क में हुई गोलीबारी के लगभग एक वर्ष बाद हुई है, जहां स्वतंत्रता दिवस परेड में सात लोग मारे गए थे और 48 अन्य घायल हो गए थे। अमेरिका बड़ी संख्या में सामूहिक गोलीबारी और बंदूक हिंसा की घटनाओं का शिकार रहा है। गन वायलेंस आर्काइव द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में 2023 में अब तक 340 से ज्यादा सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं।