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मोरक्को में शक्तिशाली भूकंप से 632 लोग की मौत, 329 घायल

रबात, 09 सितंबर: मोरक्को में बीती रात आये भूकंप से 632 लोगों की मौत और 329 अन्य लोग घायल हो गए हैं। अल-अरबिया ब्रॉडकास्टर ने शनिवार को मोरक्को के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से यह रिपोर्ट दी। पहले की रिपोर्टों में बताया गया था कि शुक्रवार देर रात मोरक्को के एटलस पहाड़ों पर आई प्राकृतिक आपदा में 296 लोगों की मौतें हुईं है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक स्थानीय समयानुसार 23.11 बजे आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.8 मापी गयी। भूकंप का केंद्र मराकेश से 71 किलोमीटर (44 मील) दक्षिण-पश्चिम में एटलस पर्वत में 18.5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। सोशल मीडिया एक्स पर प्रसारित एक वीडियो क्लिप में क्षतिग्रस्त इमारतों और सडकों पर बिखरा मलबा और लोगों को घबराकर भागते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मराकेश के पुराने शहर में कुछ इमारतें ढह गई हैं। हालांकि मीडिया ने एक्स पर दिखाई गई वीडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि भूकंप से लोग दहशत में घरों से बाहर सड़को पर आ गये। भूकंप के झटका इतना शक्तिशाली था कि बड़ी-बड़ी इमारते हिल रही थी। बिजली और फोन लाइनें 10 मिनट तक बंद रहीं। उन्होंने बताया कि इमारत ढहने से कई लोग मलबे में फंसे हुए है। घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। भूकंप के झटके कैसाब्लांका और एस्सौइरा में भी महसूस किए गए। दूरदराज के इलाकों में जानमाल के नुकसान का अभी पता नहीं चल सका है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए ब्रिक्स मंच का लाभ उठाने पर चर्चा की

जोहानिसबर्ग, 23 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका में ‘ब्रिक्स लीडर्स रिट्रीट’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पांच देशों के समूह के अन्य नेताओं के साथ प्रमुख वैश्विक घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान तलाशने के लिए ब्रिक्स के मंच का लाभ उठाने पर चर्चा की। मोदी दक्षिण अफ्रीका और यूनान की चार दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को जोहानिसबर्ग पहुंचे। जोहानिसबर्ग में वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति माटामेला सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर 22 से 24 अगस्त तक आयोजित होने वाले ब्रिक्स नेताओं के 15वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण साल 2019 के बाद ब्रिक्स नेताओं का पहला आमने-सामने का शिखर सम्मेलन है। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ये देश दुनिया की 41 फीसदी आबादी, 24 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और 16 फीसदी व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। अफ्रीका और मध्य पूर्व के 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें से कई ने ब्रिक्स का सदस्य बनने के लिए आवेदन किया है, जो शिखर सम्मेलन के एजेंडे में शामिल मुद्दों में से एक है। मोदी ने मंगलवार को ‘ब्रिक्स लीडर्स रिट्रीट’ में शिरकत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘ब्रिक्स लीडर्स रिट्रीट’ में हिस्सा लेने के लिए समर पैलेस पहुंचे। मेजबान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।” बागची ने कहा, ”प्रधानमंत्री के साथ अन्य ब्रिक्स नेता अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे और वैश्विक चुनौतियों का समाधान तलाशने के लिए ब्रिक्स मंच का लाभ उठाएंगे।” प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अन्य ब्रिक्स नेताओं के साथ ली गई कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने जोहानिसबर्ग में ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम लीडर्स डायलॉग’ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘मिशन-मोड’ में किए गए सुधारों ने भारत में कारोबार सुगमता को बेहतर बनाया है। प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को देश की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत जल्दी ही पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा और वह आने वाले वर्षों में पूरी दुनिया की प्रगति का इंजन होगा। डिजिटल लेनदेन के मोर्चे पर भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के लिए ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) का इस्तेमाल करने की असीम संभावनाएं हैं। मोदी ने कहा कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका एक साथ मिलकर वैश्विक कल्याण, खासतौर से ‘ग्लोबल साउथ’ के कल्याण में अहम योगदान दे सकते हैं। ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है। ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं। उन्होंने कहा, ”ब्रिक्स बिजनेस फोरम ने मुझे भारत के विकास पथ और व्यापार सुगमता एवं सार्वजनिक सेवा की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालने का अवसर दिया। इससे डिजिटल भुगतान, बुनियादी ढांचे के निर्माण, स्टार्टअप की दुनिया और अन्य क्षेत्रों में भारत की ओर से की गई प्रगति पर प्रकाश डालने का भी मौका मिला।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”भारत ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ में विश्वास करता है। पिछले कुछ वर्षों में हमने आईटी, सेमीकंडक्टर और ऐसे अन्य क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। हमारा आर्थिक दृष्टिकोण महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बहुत महत्व देता है।” इस बीच, जोहानिसबर्ग से आई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शिरकत नहीं की, जहां उनके समूह के अन्य नेताओं के साथ भाषण देने की संभावना थी। कार्यक्रम में चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंताओ ने चिनफिंग का भाषण पढ़ा, जिसमें उन्होंने ‘आधिपत्य’ की प्रवृत्ति को लेकर अमेरिका की आलोचना की। भाषण में चिनफिंग ने कहा कि अमेरिका उन देशों से लड़ने की प्रवृत्ति रखता है, जो वैश्विक मामलों और वित्तीय बाजारों में उसके प्रभुत्व को खतरे में डालते हैं। उन्होंने कहा कि हर देश को विकास का अधिकार है और लोगों के पास खुशहाल जीवन जीने की आजादी होनी चाहिए। चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि लेकिन एक देश ”वर्चस्व बनाए रखने के लिए उत्सुक है और वह उभरते बाजारों और विकासशील देशों को पंगु बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।’

रूस को लगा बड़ा झटका, चांद पर उतरने से पहले ही मिशन लूना-25 हुआ क्रैश

मॉस्को, 20 अगस्त: चांद पर भेजे गए रूस के मिशन मून को तगड़ा झटका लगा है. सॉफ्ट लैंडिंग से पहले ही रूस का मिशन मून लूना 25 क्रैश हो गया है. रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने रविवार को बताया कि रूस का लूना-25 अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि मानवरहित यान एक अप्रत्याशित कक्षा में चला गया और चंद्रमा की सतह से टकराकर क्रैश हो गया. अधिकारियों का कहना है कि रूस का लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर क्रैश हो गया है. शनिवार को ही खबर थी कि रूस के मून मिशन लूना-25 में लैंडिंग से पहले तकनीकी खराबी आ गई. अंतरिक्ष यान चंद्रमा के एक हिस्से का पता लगाने के लिए सोमवार को उतरने वाला था. रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस के मुताबिक, लूना-25 अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के ऊपरी भाग पर असमान्य स्थिति का सामाना करना पड़ा. एजेंसी ने कहा कि 21 अगस्त को चांद पर उतराने के लिए मिशन को नियंत्रण करने के लिए एक फिक्स्ड टचडाउन से पहले शनिवार को विमान को प्री-लैंडिंग कक्षा में ले जाने की कोशिश की गई थी. इसी दौरान कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था.

बागेश्वर धाम बाबा शुक्रवार को आयेंगे नेपाल, पशुपतिनाथ दर्शन के बाद होगी हनुमन्त कथा

काठमांडू, 17 अगस्त : बागेश्वर धाम वाले चर्चित संत आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री शुक्रवार को काठमांडू पहुंचेंगे। वह यहां पशुपतिनाथ दर्शन के बाद हनुमन्त कथा सुनाएंगे। तीन दिनों के कथावाचन के लिए नेपाल आ रहे बागेश्वर बाबा की सुरक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। बाबा बागेश्वर धाम को नेपाल आमंत्रित करने वाले उद्योगपति वरूण चौधरी के मुताबिक बाबा बागेश्वर की हनुमन्त कथा का कार्यक्रम नवलपरासी जिले के शाश्वतधाम मन्दिर परिसर में रखा गया है, इसलिए शुक्रवार शाम को काठमांडू में ही उनके भक्तों के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। शाश्वतधाम में हनुमन्त कथा का कार्यक्रम शनिवार से सोमवार तक होगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चार्टर्ड फ्लाइट से काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर आने के बाद सीधे पशुपतिनाथ मन्दिर में दर्शन के लिए जाएंगे। शाश्वतधाम में शुरू होने वाले कथावाचन कार्यक्रम में 18 से 20 हजार भक्तों के बैठने की व्यवस्था की गई है। हालांकि आयोजकों और पुलिस प्रशासन को यह अनुमान है कि यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो सकती है। इसलिए मुख्य पांडाल के बाहर कई स्थानों पर बडे बडे स्क्रीन लगाए गए हैं। नेपाल पुलिस प्रवक्ता डिआईजी कुबेर कडायत ने कहा कि बाबा बागेश्वर की काठमांडू से लेकर शाश्वतधाम तक की यात्रा के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। नेपाल में उनके आगमन से लेकर प्रस्थान तक नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी के कमांडो सुरक्षा घेरा में रहेंगे। पुलिस के डीएसपी के नेतृत्व में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस का कमांडो फोर्स उनकी सुरक्षा में तैनात रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उनकी गाड़ी के आगे पीछे हथियारबंद सुरक्षा बल का दस्ता भी मौजूद रहेगा। भारी भीड को देखते हुए शाश्वतधाम में भी सुरक्षा के हाईटेक व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल और पूरे शहर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगाया गया है। पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों की ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। सैकडों पुलिस वालों को सादी वर्दी में तैनात किया गया है।

पाकिस्तान में आत्मघाती बम विस्फोट के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ : पुलिस

पेशावर, 31 जुलाई: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पुलिस ने सोमवार को कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन में हुए आत्मघाती विस्फोट के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ है। इस विस्फोट में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह विस्फोट रविवार को हुआ था, जब कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के 400 से अधिक सदस्य खार शहर में एक सभा के लिए एकत्रित हुए थे। इस शहर की सीमा अफगानिस्तान से लगती है। ‘जियो न्यूज’ ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा, ”हम बाजौर विस्फोट की अब भी जांच कर रहे हैं और उसके बारे में सूचना जुटा रहे हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इसके पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट का हाथ है।” पुलिस के मुताबिक, वह आत्मघाती हमलावर के बारे में जानकारी जुटा रही है, जबकि बम निरोधक दस्ता घटनास्थल से सबूत एकत्रित कर रहा है। जिला पुलिस अधिकारी नजीर खान ने बताया कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रांतीय पुलिस प्रमुख अख्तर हयात खान के अनुसार, विस्फोट को अंजाम देने के लिए 10 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि हमलावर राजनीतिक सम्मेलन में शामिल लोगों में से एक था और वह पहली पंक्ति में बैठा हुआ था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने सम्मेलन के मंच के पास खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट जेयूआई-एफ नेता मौलाना अब्दुल रशीद के मंच पर पहुंचने के तुरंत बाद हुआ।          

पाकिस्तान में राजनीतिक रैली में विस्फोट, 35 लोगों की मौत, 200 से अधिक घायल

इस्लामाबाद, 31 जुलाई: पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में रविवार अपराह्न में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुए बम विस्फोट में कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक अन्य घायल हो गए। प्रांतीय राजधानी पेशावर में गवर्नर कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने विस्फोट में 35 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि घायलों में से कम से कम 50 की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि गवर्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम उपलब्ध इलाज प्रदान करने की सलाह दी है और अगर आवश्यक हो, तो उन्हें पेशावर और राजधानी इस्लामाबाद सहित अन्य शहरों में हवाई मार्ग से ले जाने की व्यवस्था करनी चाहिए। मलकंद डिवीजन के क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय के अधिकारी नासिर महमूद सत्ती ने मीडिया को बताया कि हमला उस समय हुआ जब जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के राजनीतिक कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन शांडेय मोड़ बाजौर के मुंडा खार रोड पर क्षेत्र के पास आयोजित किया गया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट के तुरंत बाद, पुलिस, सुरक्षा बल और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। बचाव अभियान शुरू किया और शवों एवं घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया। पुलिस के अनुसार यह एक बम विस्फोट था और बम निरोधक दस्ता यह पता लगाने में जुटा है कि क्या यह किसी लगाये गये उपकरण से किया गया था या यह आत्मघाती हमला था। पाकिस्तानी प्रधान मंत्री शाहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया। अभी तक किसी भी समूह ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भीषण धमाके में 20 की मौत, 150 से अधिक घायल

पेशावर, 30 जुलाई : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले की खार तहसील में जमीयत उलेमा इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) सम्मेलन में हुए विस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गए, जबकि 150 से अधिक घायल हो गए। इसकी पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने किया है। पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट बाजौर के खार में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान यह धमाका हुआ है। पुलिस ने कहा कि इस विस्फोट में 150 से अधिक लोग घायल हो गए और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने बताया कि पांच एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गई है। बाजौर जिला आपातकालीन अधिकारी साद खान ने 20 से अधिक मरने वाले और बड़ी संख्या में घायलों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि खार में जेयूआई-एफ के एक प्रमुख नेता मौलाना जियाउल्लाह जान की भी विस्फोट में मृत्यु हो गई। अधिकारी ने बताया कि घायल लोगों को पेशावर और टिमरगेरा के अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। विस्फोट स्थल पर मौजूद चश्मदीद ने बताया कि कि घायलों में एक स्थानीय पत्रकार भी शामिल है। इस बीच, टेलीविजन फुटेज में विस्फोट के बाद घबराए हुए लोग घटनास्थल पर एकत्र होते दिख रहे हैं और घायलों को अस्पतालों में ले जाने के लिए एंबुलेंस आ रही है। बाद में, एक बड़ी पुलिस टुकड़ी ने इलाके की घेराबंदी की। जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने पार्टी के मीडिया सेल द्वारा जारी एक बयान में घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और केपी सरकार से हमले की जांच की मांग की। इससे पहले, जेयूआई-एफ नेता हाफिज हमदुल्ला ने कहा कि उन्हें आज सम्मेलन में शामिल होना था, लेकिन कुछ व्यक्तिगत काम के चलते नहीं आ सके थे। उन्होंने कहा कि वो विस्फोट की कड़ी निंदा करते हैं और इसके पीछे के लोगों को संदेश देना चाहता हूं कि यह जिहाद नहीं बल्कि आतंकवाद है। उन्होंने कहा कि आज की घटना मानवता और बाजौर पर हमला है। जमात-ए-इस्लामी के सीनेटर मुश्ताक अहमद ने भी विस्फोट की निंदा की और मौतों पर संवेदना व्यक्त की।

कंगाल पाकिस्तान को सऊदी अरब का सहारा, दस अरब डॉलर से मिलकर लगाएंगे रिफाइनरी

इस्लामाबाद, 27 जुलाई: भीषण आर्थिक संकट के चलते कंगाली के कगार पर पहुंचे पाकिस्तान को सऊदी अरब का सहारा मिला है। दोनों देशों ने मिलकर दस अरब डॉलर से रिफाइनरी लगाने का फैसला किया है। पाकिस्तान इस समय भीषण आर्थिक संकट झेल रहा है, ऐसे में मदद को सऊदी अरब सामने आया है। तय हुआ है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब मिलकर ग्वादर में विशाल रिफाइनरी लगाएंगे। इस परियोजना पर 10 अरब डॉलर खर्च होंगे। इस रिफाइनरी के लिए पाकिस्तान की पांच सरकारी कंपनियां और सऊदी अरब की चर्चित तेल कंपनी अरमाको निवेश करेगी। पाकिस्तान इस परियोजना में 70 फीसदी पैसा लगाएगा और सऊदी अरब की कंपनी 3 अरब डॉलर खर्च करेगी। इस रिफाइनरी में हर दिन चार लाख बैरल तेल साफ करने की क्षमता होगी। दरअसल, पाकिस्तान पहले चाहता था कि सऊदी अरब पूरे 10 अरब डॉलर अकेले निवेश करे, लेकिन उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया। पाकिस्तान की आर्थिक हालत बहुत ही खराब होने के चलते सऊदी अरब पहले ही उसे काफी लोन दे चुका है। शहबाज शरीफ से लेकर आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर तक सऊदी प्रिंस से गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी सऊदी अरब ने इस परियोजना के लिए पूरा धन खर्च करने से इनकार कर दिया है। सऊदी अरब के इस रुख के बाद आखिरकार शहबाज सरकार को रिफाइनरी में 70 फीसदी पैसा लगाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। इससे पहले सऊदी प्रिंस ने साल 2019 में यात्रा के दौरान 20 अरब डॉलर के निवेश पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें 10 अरब डॉलर रिफाइनरी पर खर्च किया जाना था। हालांकि, अब रिश्ते खराब होने के बाद वह केवल 3 अरब डॉलर का ही निवेश कर रहा है।

सरहद के आर-पार एक और प्रेम कहानी; चीनी महिला अपने प्रेमी से मिलने पहुंची पाकिस्तान

पेशावर, 27 जुलाई : सरहद के आर-पार प्रेम कहानी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें अब चीन की एक महिला सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी युवक से मुलाकात और उसके प्यार में पड़ने के बाद उससे मिलने खैबर पख्तूनख्वा आ पहुंची है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मीडिया द्वारा महिला की पहचान गाओ फेंग के रूप में की गई है, जो तीन महीने के वीजा पर गिलगिट के रास्ते चीन से बुधवार को इस्लामाबाद पहुंची। 21 वर्षीय युवती को उसका 18 वर्षीय दोस्त जावेद लेने पहुंचा था, जो अफगानिस्तानी सीमा से सटे बाजौर जनजातीय जिले का रहने वाला है। बाजौर में सुरक्षा हालात के चलते जावेद अपनी दोस्त को अपने गृहनगर न ले जाकर लोअर दीर जिले के समरबाग तहसील में अपने मामा के घर ले गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पिछले तीन साल से ‘स्नैपचैट’ के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में थे और इसी दौरान उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। लोअर दीर जिले के पुलिस अधिकारी जियाउद्दीन ने मीडिया को बताया कि चीनी महिला को समरबाग इलाके में पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हालांकि मुहर्रम और इलाके में सुरक्षा कारणों की वजह से उसे खुले में घूमने से मना किया गया है। पुलिस ने बताया कि महिला के यात्रा दस्तावेज बिल्कुल वैध हैं। उन्होंने बताया कि उसने अभी तक जावेद से निकाह नहीं किया है। इससे पहले भारत के राजस्थान राज्य की 34 वर्षीय अंजू अपने 29 वर्षीय पाकिस्तानी दोस्त नसरुल्ला से मिलने के लिए खैबर पख्तूनख्वा के अपर दीर जिले में आ पहुंची थी। अंजू की फेसबुक पर नसरुल्ला से मुलाकात हुई थी। बाद में अंजू ने इस्लाम कबूल कर नसरुल्ला से निकाह कर लिया था और अब उसका नया नाम फातिमा है। इसी तरह के एक और मामले में पाकिस्तान की 30 वर्षीय सीमा हैदर, 22 वर्षीय हिंदू युवक सचिन से मिलने के लिए अपने चार बच्चों के साथ भारत जा पहुंची थी। दोनों की मुलाकात 2019 में ऑनलाइन गेम पबजी खेलते वक्त हुई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, सीमा और सचिन दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा में रहते हैं, जहां सचिन एक किराने की दुकान चलाता है।

बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी शमीना सिंह को राष्ट्रपति की निर्यात परिषद मे नियुक्त किया

वॉशिंगटन, 17 जुलाई: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी मूल की शमीना सिंह को राष्ट्रपति की निर्यात परिषद में नियुक्त करने की घोषणा की है। यह परिषद अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर एक प्रमुख राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में काम करती है। सिंह मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ की संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वह इस परिषद में शामिल होने को लेकर सम्मानित महसूस कर रही हैं। व्हाइट हाउस की ओर से 14 जुलाई का जारी बयान में कहा गया है कि बाइडन ने सिंह को एक महत्वपूर्ण भूमिका के लिए नियुक्त करने की घोषणा की है। सिंह मास्टरकार्ड की प्रबंधन समिति की सदस्य भी है। बाइडन प्रशासन में बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग कार्यरत हैं। सिंह भी अब इनमें शामिल हो गई हैं। बाइडन प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत भारतीय-अमेरिकी लोगों की संख्या 150 से अधिक है।