रॉबिन्सविले, 11 अक्टूबर: दुनिया में दूसरे सबसे बड़े और पश्चिमी गोलार्द्ध में सबसे बड़े हिंदू मंदिर का अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में उद्घाटन किया गया है। न्यूयॉर्क सिटी से 99 किलोमीटर दक्षिण में न्यू जर्सी की रॉबिन्सविले सिटी में 185 एकड़ भूभाग में स्थित यह अक्षरधाम मंदिर 191 फुट ऊंचा है। ‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण’ (बीएपीएस) के नेता महंत स्वामी महाराज की मौजूदगी में आठ अक्टूबर को इस मंदिर का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। महंत स्वामी महाराज ने कहा, ”उत्तर अमेरिका में ऐसे अक्षरधाम मंदिर का निर्माण करना प्रमुख स्वामी महाराज की दिव्य इच्छा थी जहां सभी जाति, नस्ल या धर्म के लोग आ सकते हैं।” उद्घाटन समारोह में डेलावेयर के गवर्नर जॉन कार्नी और कांग्रेस सदस्य स्टेनी होयर भी शामिल हुए। बीएपीएस के वरिष्ठ नेता और प्रेरक वक्ता ज्ञानवत्सलदास स्वामी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह इस ग्रह पर दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है और जाहिर तौर पर पश्चिम गोलार्द्ध में यह सबसे बड़ा मंदिर है जिसका आठ अक्टूबर को महंत स्वामी महाराज के 90वें जन्मदिन पर उद्घाटन किया गया। यह इस समाज और मानवता को समर्पित है।” उन्होंने कहा, ”मंदिर बनाने का मूल उद्देश्य लोगों को मूल्यों के साथ प्रेरित करना है। भारतीय ग्रंथों के अनुसार एकांतिक धर्म के चार स्तंभ – धर्म, ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को भगवान स्वामीनारायण ने अच्छी तरह से स्पष्ट किया है। इसलिए यह भारतीय संस्कृति और परंपरा को समर्पित एक स्मारक है। यह भगवान स्वामीनारायण के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित एक स्मारक है।” मंदिर में लगाए गए पत्थरों पर रामायण और महाभारत की कहानी को उकेरा गया है। मंदिर के स्तंभों और दीवार पर 150 से अधिक भारतीय वाद्ययंत्र और सभी प्रमुख नृत्य कलाएं हैं। अबू धाबी में निर्माणाधीन अक्षरधाम मंदिर के प्रभारी ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने कहा, ”कला को संरक्षित करने का सबसे अच्छा तरीका उसका पुनर्जन्म है। बीएपीएस अपने तरीके से प्राचीन कला को पुनर्जीवित करने में सक्षम है। हजारों कलाकारों ने एक बार फिर काम शुरू कर दिया है और उनकी कला को महत्व दिया जा रहा है ताकि उसे आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित किया जाए।” कोलंबिया विश्वविद्यालय में धर्म और मीडिया के एक शोधार्थी और अक्षरधाम मंदिर के स्वयंसेवी प्रवक्ता योगी त्रिवेदी ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण में लगे पत्थरों को बुल्गारिया, इटली, यूनान, तुर्किये और भारत समेत सात देशों से मंगाया गया। त्रिवेदी ने कहा कि अगर कोई अक्षरधाम मंदिर में आएगा तो उसे सामने ब्रह्मकुंड या बावड़ी दिखेगी जिसमें दुनियाभर की 400 अलग-अलग नदियों और झीलों का पानी है। इसमें भारत की गंगा और यमुना नदी का भी पानी है। उन्होंने कहा, ”इसमें समावेशिता की भावना है जो दर्शन तथा पूजा करने के लिए आने वाले हर व्यक्ति को महसूस होती है।” उद्घाटन के दिन मंदिर के दर्शन करने वाले जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि यह मंदिर भारत के संदेश को बाकी दुनिया तक लेकर जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया का संदेश है ”एक परिवार”। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल ने मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से बधाई संदेश दिया।
इजराइल पर हमास का हमला दुनिया पर थोपी गई एक बुराई है : बाइडन
वाशिंगटन, 11 अक्टूबर: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कहा कि इजराइल पर हमास का हमला विशुद्ध रूप से दुनिया पर थोपी गई एक बुराई है और इस हमले में कम से कम 14 अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं। बाइडन ने कहा कि इजराइल को नष्ट करना और यहूदी लोगों को मारना हमास का घोषित उद्देश्य है। बाइडन ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, ”हमारे जीवन में ऐसे क्षण आते हैं, जब दुनिया पर बुराई थोपी जाती है। इजराइल के लोग इस सप्ताहांत ऐसे ही एक क्षण से गुजरे। यह हमला आतंकवादी संगठन हमास द्वारा किया गया जो ऐसा समूह है जिसका घोषित उद्देश्य यहूदियों को मारना है।” अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन इससे पहले इजराइल के प्रति अपने प्रशासन के समर्थन की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। अमेरिका ने इजराइल के लिए समर्थन जुटाने और फलस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए एक प्रमुख वैश्विक राजनयिक अभियान शुरू किया है। हमास ने शनिवार को इजराइल पर श्रृंखलाबद्ध हमले किये जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। इजराइल ने इस हमले के जवाब में गाजा पर हवाई हमले किये हैं, जिसमें 800 से अधिक लोग मारे गए हैं। बाइडन ने कहा, ”इजराइल पर किये गए इस हमले में 1,000 से अधिक नागरिकों को मार डाला गया। सिर्फ हत्या नहीं की गई बल्कि लोगों का कत्लेआम किया गया। इनमें कम से कम 14 अमेरिकी नागरिक मारे गये हैं। उन माता-पिता को मार डाला गया जो अपने बच्चों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे थे। शिशुओं के मारे जाने की चौंकाने वाली खबरें हैं। पूरे परिवारों का खात्मा कर दिया गया। शांति का जश्न मनाने वाले एक संगीत समारोह में शामिल युवाओं की हत्या कर दी गई।” बाइडन ने कहा कि इजराइल में हमास का कृत्य आतंकवाद था जो ”आईएसआईएस के आचरण से मिलता जुलता है।” उन्होंने कहा, ”यह घृणित है। हमास की क्रूरता आईएसआईएस के सबसे भयानक कृत्य की याद दिलाती है। यह आतंकवाद है, लेकिन दुख की बात है कि यहूदी लोगों के लिए यह कोई नई बात नहीं है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”इस हमले ने, दशकों पुरानी यहूदी विरोधी भावना और यहूदी लोगों के नरसंहार की दर्दनाक यादों और घावों को कुरेद दिया है। इसलिए, इस क्षण में, हमें बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए। हम इजराइल के साथ खड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इजराइल के पास अपने नागरिकों की देखभाल करने, अपनी रक्षा करने और इस हमले का जवाब देने के लिए वह सब कुछ हो, जिसकी उसे जरूरत है। आतंकवाद को किसी भी तरीके से जायज नहीं ठहराया जा सकता।।” इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि वह 11-13 अक्टूबर तक इजराइल और जॉर्डन की यात्रा करेंगे, जहां वह वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा, ”मंत्री इजराइल के खिलाफ आतंकवादी हमलों के पीड़ितों के लिए अपनी संवेदना दोहराएंगे और हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करेंगे। वह इजराइल की सरकार और लोगों के साथ अमेरिका की एकजुटता भी दोहराएंगे। वह इजराइल की सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे और इजराइल के रक्षा के अधिकार के प्रति अमेरिका के अटूट समर्थन को रेखांकित करेंगे।” ब्लिंकन ने इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से बात की और इजराइल के अपनी रक्षा के अधिकार के प्रति अमेरिका का समर्थन दोहराया। उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी दोहराई। बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि हमास फलस्तीनी लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए खड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमास का घोषित उद्देश्य इजराइल का विनाश और यहूदी लोगों की हत्या करना है। उन्होंने कहा कि वे फलस्तीनी नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। बाइडन ने कहा, ”हमास आतंक और रक्तपात के अलावा कुछ भी नहीं देता है, इसकी परवाह किए बिना कि कीमत कौन चुकाता है। निर्दोष जीवन की हानि हृदयविदारक है। दुनिया के हर देश की तरह, इजराइल को भी जवाब देने का अधिकार है।” बाइडन ने कहा कि उन्होंने हमास के हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तीसरी बार बात की। उन्होंने कहा, ”मैंने उनसे कहा कि अमेरिका ने वही अनुभव किया जो इजराइल अनुभव कर रहा है, तो हमारी प्रतिक्रिया तीव्र, निर्णायक और जबरदस्त होगी।”
गाजा, इजरायली हमले में दोनों पक्षों के मृतकों की संख्या बढ़कर 1830 हुई
गाजा/यरुशलम, 11 अक्टूबर : इजरायल पर हमास चरमपंथियों के हमले के बाद इजरायली सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी पर जबर्दस्त हमला किया है। हमले में दोनों पक्षों के 1830 लोगों की जान जा चुकी है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाजा पट्टी के 830 लोगों की मौत हो गयी है और 4250 लोग घायल हो गए हैं। हमास के हमले में 1000 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत की रिपोर्ट सामने आ रही है। इस बीच इजराइल के सरकारी स्वामित्व वाले कान टीवी समाचार ने बताया कि हमास द्वारा शनिवार को देश पर अचानक हमला किए जाने के बाद से इजराइल में कम से कम 1,008 लोग मारे गए हैं। युद्ध में दोनों पक्षों के करीब 1830 से ज्यादा लोगों की मारे जाने की रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं। यह युद्ध चौथे दिन में प्रवेश कर गया है, जिससे दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। इजराइली सेना ने कहा कि गाजा के सत्तारूढ़ गुट, हमास और लेबनान में आतंकवादियों के साथ चल रहे संघर्ष में देश की मदद के लिए गोला-बारूद ले जाने वाला पहला अमेरिकी विमान कल रात इजराइल पहुंचा। इज़राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने एक बयान में कहा, विमान “उन्नत गोला-बारूद” लेकर इज़राइल के दक्षिणी नेगेव रेगिस्तान में नेवातिम एयरबेस पर उतरा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप स्थिति को बढ़ने या इस युद्ध को व्यापक बनाने की कोशिश करने वाले किसी भी हरकत को रोकने के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में पहुंचा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अनुसार इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध में मारे गए अमेरिकी नागरिकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। श्री बाइडेन ने कल एक भाषण में यह भी कहा था कि माना जाता है कि हमास आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों में अमेरिकी भी शामिल हैं। तेहरान- ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कल इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूहों द्वारा किए गए हमलों में अपने देश की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया। तेहरान में एक स्नातक समारोह में ईरानी सशस्त्र बलों के कैडेटों को संबोधित करते समय श्री खामेनई ने इजरायल के समर्थकों और कुछ इजरायली व्यक्तियों के आरोपों को ‘निरर्थक’ बताया है। शीर्ष नेता ने जोर देकर कहा कि जो कोई भी मानता है कि फिलिस्तीनी अपने दम पर हमले करने में असमर्थ हैं, वह उन्हें कम आंक रहा है। दक्षिणी अफ्रीकी देश बोत्सवाना भी इजराइल और गाजा में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में शामिल हो गया है। बयान के अनुसार इजरायली-फिलिस्तीनी संघर्ष से सैकड़ों लोगों के घायल और विस्थापित होने सहित निर्दोष नागरिकों की जान चली गई है, साथ ही उनकी संपत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। दोनों पक्षों द्वारा नागरिक आबादी पर जारी हमलों और हिंसा की निंदा करते हुए बोत्सवाना ने युद्धरत दोनों पक्षों से तुरंत शत्रुता बंद करने और शांतिपूर्ण तरीकों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आह्वान किया।
इजराइल के लड़ाकू विमानों ने हमास खुफिया प्रमुख को बनाया निशाना
गाजा, 08 अक्टूबर: इजरायली वायु सेना का कहना है कि उसके लड़ाकू विमानों ने ‘हमास आतंकवादी संगठन के खुफिया विभाग के प्रमुख के परिसर’ पर हमला किया है। शनिवार को हमास के फाइटरों के इजरायल में घुसने के बाद से इजरायली विमानों ने गाजा पट्टी के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। फ़िलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि 250 से अधिक लोग मारे गए हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा सिटी में लगातार धमाकों की आवाजें आ रही हैं। इज़राइल की सेना का कहना है कि उसके क्षेत्र के अंदर हमास के आतंकवादियों के साथ अभी भी आठ जगह लड़ाई चल रही है, हालांकि उसका दावा है कि उसने देश के दक्षिण में 22 स्थानों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। उधर हमास ने कहा, ”भीषण लड़ाई” जारी है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश एक “लंबे और कठिन युद्ध” में जा रहा है, उन्होंने कहा कि “हमास द्वारा जानलेवा हमला हम पर थोपा गया है”। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइल ने गाजा पट्टी में ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू किए हैं और वहां के लोगों को शरण लेने की सलाह दी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमास के ज़मीनी, हवाई और समुद्री हमले के बाद कथित तौर पर कम से कम 250 इज़रायली मारे गए हैं, कुछ तो संख्या 300 के पार बता रहे हैं। अमेरिका में इज़रायली दूतावास के अनुसार, दर्जनों – शायद 100 से अधिक – का अपहरण कर लिया गया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने अपने देश पर दशकों में हुए सबसे बुरे हमले के जवाब में घिरे फिलिस्तीनी इलाके को “निर्जन द्वीप” में बदलने का वादा किया है, जिसके बाद गाजा पर एक बड़े आक्रमण की आशंकाएं बढ़ रही हैं।
हमास के हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री ने जवाबी कार्रवाई का लिया संकल्प
जेरूसलम, 08 अक्टूबर: इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन (हमास) के रॉकेट और घुसपैठ हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। शनिवार शाम को एक टेलीविजन संबोधन में, इजरायली नेता ने उस दिन को इजरायल के इतिहास में एक गंभीर क्षण बताया और कहा कि उनका देश “बदला लेगा” और हमास के आतंकवादियों को हराएगा। उन्होंने कहा, “इज़राइल रक्षा बल हमास की क्षमताओं को नष्ट करने के लिए तुरंत अपनी सारी शक्ति का उपयोग करेंगे।” समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे दिन नेतन्याहू व्यापक विचार-विमर्श में लगे रहे। एक आश्चर्यजनक हमले में, शनिवार तड़के से हमास द्वारा इज़राइल पर लगभग 3,000 रॉकेट दागे गए। जैसा कि इज़रायली अधिकारियों ने पुष्टि की है, हमास ने कुछ इज़रायली नागरिकों और सैनिकों को भी बंधक बना लिया है। जवाब में, इजरायली सेना ने दिन भर में गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर दर्जनों हवाई हमले किए। उन्होंने इज़रायली नागरिकों को आगाह किया कि, “इस युद्ध में समय लगेगा, यह कठिन होगा और हमारे सामने अभी भी चुनौतीपूर्ण दिन हैं।” संघर्ष के कारण दोनों पक्षों को काफी नुकसान हुआ है। गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इजरायली हवाई हमलों के कारण इलाके में कम से कम 232 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,697 घायल हो गए। इस बीच, इसराइलियों की मौत का आंकड़ा 200 से अधिक हो गया है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप भ्रष्टाचार के मुकदमे में पहली बार अदालत में पेश
न्यूयॉर्क, 03 अक्टूबर: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भ्रष्टाचार के मामले में कल पहली बार मैनहट्टन की अदालत में पेश हुए। ट्रंप इस बार भी राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव की दौड़ में शामिल हैं। उन पर अपनी संपत्ति को अरबों डॉलर तक बढ़ाने और धोखाधड़ी की सीमा पार करने का आरोप है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दिवानी मामला ट्रंप के चार आपराधिक अभियोगों से अलग है। इसमें वादी न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स हैं। जेम्स ने कहा है, ‘चाहे आप कितने भी अमीर या शक्तिशाली क्यों न हों, इस देश में लोगों के लिए दो प्रकार के कानून नहीं हैं।’ इस सुनवाई में ट्रंप ने अभी अपना पक्ष नहीं रखा है। अदालत कक्ष के बाहर ट्रंप ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने अटॉर्नी जनरल इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जेम्स उन्हें राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अटॉर्नी जनरल जेम्स ने मांग की है कि ट्रंप पर 250 मिलियन डॉलर तक का जुर्माना लगाया जाए और उन्हें न्यूयॉर्क में व्यवसाय चलाने से रोक दिया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मुकदमे में ट्रंप, उनके बेटों और उनके पारिवारिक व्यवसाय पर बैंकों से अनुकूल ऋण शर्तों को सुरक्षित करने के लिए अपनी संपत्ति का मूल्य दो बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस केस की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश पिछले सप्ताह इस केस में ट्रंप को दोषी ठहरा चुके हैं। यदि अदालत का फैसला कायम रहता है, तो ट्रंप को अपनी सबसे प्रसिद्ध न्यूयॉर्क की अचल संपत्ति में से कुछ को छोड़ना पड़ सकता है।
पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, वापस भेजे जाएंगे 11 लाख अफगान शरणार्थी
इस्लामाबाद, 27 सितंबर : पाकिस्तान की सरकार और अफगानिस्तान की सत्ता संभाले तालिबान के बीच बढ़ते मतभेदों की गाज पाकिस्तान में शरण पाए अफगान शरणार्थियों पर गिरने वाली है। पाकिस्तान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 11 लाख अफगान शरणार्थियों को वापस अफगानिस्तान भेजने का ऐलान किया है। पाकिस्तान में लगातार आतंकी घटनाएं बढ़ने और इसके लिए जिम्मेदार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर अंकुश के मसले पर पाकिस्तान सरकार और तालिबान के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। हाल ही में अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी के बाद पाकिस्तान की सेना ने तोर्खम सीमा को बंद करके कड़ा संदेश दिया है। अब पाकिस्तान की सरकार ने फैसला किया कि अफगानिस्तान से आए 11 लाख अफगान शरणार्थियों को वापस भेजा जाएगा। इस फैसले पर सख्ती से अमल की बात कही गई है। अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तानी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए पाकिस्तान ने दावा किया है कि ये अफगानी अवैध रूप से उनके देश में रह रहे हैं। बताया गया कि अफगानिस्तान में अगस्त 2021 में तालिबान सरकार के आने के बाद चार लाख अफगानी पाकिस्तान में अवैध रूप से घुसे हैं। इनके अलावा सात लाख ऐसे अफगानियों की पहचान हुई है, जो पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे हैं। इन 11 लाख अफगानी शरणार्थियों के पास न तो वीजा है और न ही पाकिस्तान में रुकने के लिए वैध दस्तावेज हैं। पाकिस्तानी कैबिनेट ने इन अफगानियों को वापस भेजने के लिए अधिकारियों को व्यवस्था करने का आदेश दिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को पाकिस्तान के इस फैसले के बारे में बता दिया गया है।
पुतिन ने किम जोंग उन का रूस के सुदर पूर्वी क्षेत्र में किया स्वागत, कहा- किम को देखकर बहुत खुशी हो रही है
मॉस्को, 13 सितंबर: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश के सुदूरवर्ती पूर्वी अमूर क्षेत्र में स्थित वोस्तोचनी कॉस्मोड्रोम में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से बुधवार को मुलाकात की। यह मुलाकात दर्शाती है कि अमेरिका के साथ जारी टकराव के बीच दोनों नेताओं के हित कैसे एक हो रहे हैं। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आरआईए नोवोस्ती’ ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए बताया कि किम उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से अत्याधुनिक सुविधाओं और भारी हथियारों से लैस ट्रेन से लाई गई लिमोजीन के जरिये वोस्तोचनी कॉस्मोड्रोम पहुंचे। एजेंसी के मुताबिक, कॉस्मोड्रोम में मौजूद पुतिन ने उत्तर कोरियाई नेता का स्वागत करते हुए उनसे हाथ मिलाया और कहा कि उन्हें ‘‘किम को देखकर बहुत खुशी हो रही है।’’ रूस की सरकारी मीडिया ने बताया कि किम ने ‘‘व्यस्तता के बावजूद’’ उन्हें रूस आने का निमंत्रण देने के लिए पुतिन का आभार जताया। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेता कॉस्मोड्रोम का निरीक्षण करने के बाद बातचीत शुरू करेंगे। बैठक से कुछ देर पहले उत्तर कोरिया ने समुद्र में दो बैलिस्टिक मिसाइल दागीं।
किम जोंग और पुतिन की मुलाकात से पहले उत्तर कोरिया ने 2 बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी, जापान ने किया विरोध
सोल, 13 सितंबर : सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने बुधवार को रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र अमूर में एक दूरस्थ अंतरिक्ष केंद्र में मुलाकात की. उम्मीद है कि दोनों नेता संभावित हथियार सौदे पर चर्चा करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान उत्तर कोरिया रूस को हथियारों की आपूर्ति कर सकता है. सीएनएन ने बताया कि व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग उन बुधवार को रूस के अंतरिक्ष रॉकेट प्रक्षेपण स्थल वोस्तोचन कोस्मोड्रोम पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने अंदर जाने से पहले हाथ मिलाया और थोड़ी देर बात की. बाद में फुटेज में किम जोंग-उन को एक काली कार से बाहर निकलते और पुतिन से हाथ मिलाते हुए दिखा गया. किम जोंग उन की रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात से ठीक एक घंटे पहले बुधवार को उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट से समुद्र में दो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के पास से लॉन्च की गईं और लगभग 650 किमी (404 मील) तक उड़ान भरी. विश्लेषकों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह पहला प्रक्षेपण तब हुआ जब किम अपने अधिकांश शीर्ष सैन्य नेताओं के साथ यात्रा के लिए विदेश में थे, जो देश के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के लिए प्रतिनिधिमंडल के बढ़ते स्तर और अधिक परिष्कृत नियंत्रण प्रणालियों का प्रदर्शन करने पहुंचे है. सीएनएन ने राज्य मीडिया रूस 1 के पत्रकार का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान में, दोनों नेता वोस्तोचन कोस्मोड्रोम का दौरा कर रहे हैं. रूस के वीडियो में किम जोंग उन को सुदूर वोस्तोचन कोस्मोड्रोम अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचते और उत्तर कोरिया से उन्हें ले जाने वाली हरी ट्रेन से उतरते हुए दिखाया गया है. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरियाई नेता मंगलवार सुबह-सुबह रूस में दाखिल हुए. जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाज़ू मात्सुनो ने संवाददाताओं से कहा कि जापान ने बीजिंग में राजनयिक चैनलों के माध्यम से उत्तर कोरिया के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि दोनों मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के बाहर समुद्र में गिरी हैं. बता दें कि उत्तर कोरिया की सभी बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिन्हें आखिरी बार 2017 में चीन और रूस में प्योंगयांग के भागीदारों के समर्थन से पारित किया गया था. तब से, बीजिंग और मॉस्को ने राजनयिक वार्ता शुरू करने और मानवीय स्थिति में सुधार करने के लिए उत्तर पर प्रतिबंधों को कम करने का आह्वान किया है. किम ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद और उनके पिता की मृत्यु के बाद छह साल तक अपना देश नहीं छोड़ा था. 2018 और 2019 में उन्होंने नौ अलग-अलग यात्राओं में चीन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, वियतनाम और रूस का दौरा किया, लेकिन रूस में उनकी वर्तमान यात्रा तब से पहली है. सीएनएन ने उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी केसीएनए के हवाले से बताया कि किम जोंग उन रविवार दोपहर पार्टी के शीर्ष अधिकारियों और सरकार और सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ प्योंगयांग से रवाना हुए थे. इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बैठक होगी. पेसकोव ने आगे कहा कि किम के आगमन के सम्मान में एक औपचारिक रात्रिभोज की भी योजना बनाई गई है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन की रूस यात्रा कोविड-19 महामारी के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है, क्योंकि महामारी के दौरान उत्तर कोरिया की सीमाएं सील कर दी गई थीं.
मोरक्को में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,122 हुई
अमीज़मिज़ मोरक्को, 11 सितंबर: मोरक्को में शुक्रवार मध्य रात आए भीषण भूकंप के बाद से कम से कम 2,122 लोगों की मौत हो गयी और 2,421 लोग घायल हो गए हैं। मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय ने रविवार को अपने नवीनतम अपडेट में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मरने वालों में अल हाउज़ प्रांत में 1,351, तरौदंत प्रांत में 492, चिचौआ में 201 और मराकेश में 17 लोग शामिल हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मोरक्को के सैनिक और आपातकालीन सेवाएं कथित तौर पर एटलस पर्वत क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही है क्योंकि वहां तक जाने वाली सड़कें गिरे हुए पत्थरों के कारण अवरुद्ध हो गई थीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमान के अनुसार, इस आपदा ने प्राचीन शहर और उसके बाहरी इलाके में 300,000 से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। मोरक्कन रेड क्रिसेंट (एमआरसी) ने कहा है कि ज़मीनी स्थिति ने खोज और बचाव प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है, और इसमें मदद के लिए एटलस पर्वत के उन दूरदराज के इलाकों में भारी मशीनरी पहुंचाना एक प्राथमिकता है। एमआरसी ने एक बयान में कहा, जैसे-जैसे लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा रहा था, एमआरसी और अन्य प्रथम उत्तरदाता सबसे गंभीर मामलों की पहचान करने और उसे प्राथमिकता देने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे थे।