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क्वेटा रेलवे स्टेशन पर विस्फोट में 16 की मौत, 30 घायल

क्वेटा (पाकिस्तान), 09 नवंबर : क्वेटा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुए विस्फोट में कम से कम सोलह लोग मारे गए और 30 घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। क्वेटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहम्मद बलूच ने कहा, सोलह लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल हो गए। ‘डॉन न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आगे कहा कि यह घटना “आत्मघाती विस्फोट प्रतीत होती है” लेकिन यह निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी, विस्फोट की प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। इससे पहले, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईधी रेस्क्यू सर्विस के प्रमुख जीशान ने कहा कि विस्फोट “रेलवे स्टेशन के अंदर एक प्लेटफॉर्म पर हुआ।” बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने एक बयान में कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। श्री रिंद ने कहा कि बम निरोधक दस्ता घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर रहा है तथा विस्फोट की प्रकृति की जांच की जा रही है। घटना पर एक रिपोर्ट मांगी गई है। सरकारी अधिकारी ने बताया कि वहां के अस्पतालों में ‘आपातकाल’ लागू कर दिया गया है और “घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।”

पति डोनाल्ड ट्रंप की जीत पर मेलानिया ने कहा, ‘अमेरिकियों ने हमें सौंपी अहम जिम्मेदारी’

वाशिंगटन, 07 नवंबर : अपने पति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद मेलानिया ट्रंप ने गुरुवार को देश के भविष्य को लेकर आशा व्यक्त की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने पोस्ट किया कि अमेरिकियों ने उन्हें (उन्हें और उनके पति को) एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। मेलानिया ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, “अधिकांश अमेरिकियों ने हमें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। हम अपने गणतंत्र के दिल ‘स्वतंत्रता’ की रक्षा करेंगे।” एकता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि हमारे देश के नागरिक एक-दूसरे के प्रति प्रतिबद्धता के साथ फिर से जुड़ेंगे और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आर्थिक समृद्धि, सुरक्षा के लिए विचारधारा से ऊपर उठेंगे।” बता दें बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपित चुनाव को जीत कर इतिहास रच दिया। वह पराजित होने के बाद चुने जाने वाले अमेरिकी इतिहास के दूसरे राष्ट्रपति बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिर्फ ग्रोवर क्लीवलैंड के नाम था जो 1892 में दूसरी बार चुनाव जीते थे। 78 साल की उम्र में, वह व्हाइट हाउस में कदम रखने वाले सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे। डोनाल्ड ट्रंप की यह दूसरी जीत इस लिहाज से भी खास है कि इस बार रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को आधिकारिक घोषणा से पहले ही फ्लोरिडा में समर्थकों को संबोधित करते हुए अपनी जीत का एलान किया। उन्होंने जीत को अमेरिका का ‘स्वर्ण युग’ बताया। रिपब्लिकन नेता ने कहा, “यह अमेरिकी लोगों के लिए एक शानदार जीत है, जो हमें अमेरिका को फिर से महान बनाने का अवसर देगी।” चुनाव के तमाम सर्वेक्षणों में हैरिस और ट्रंप के बीच कांटे की मुकाबले की भविष्यवाणी की गई थी लेकिन मतगणना शुरू होने के बाद ट्रंप को शायद ही कोई परेशानी का समाना करना पड़ा। उन्होंने शुरुआत से ही हैरिस पर बढ़त बना ली, जो लगातार कायम रही। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) गुरुवार सुबह 11.45 तक (भारतीय समयानुसार) डोनाल्ड ट्रंप 295 इलेक्टोरल वोट जीत चुके थे जो कि बहुमत (270) से कहीं ज्यादा है। वहीं ड्रेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस सिर्फ 226 सीट ही जीत सकी।

चुनाव नतीजों को स्वीकार किया जाना चाहिए : कमला हैरिस

वाशिंगटन, 07 नवंबर: अमेरिकी डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने बुधवार को वाशिंगटन डीसी के हावर्ड विश्वविद्यालय में एक संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें प्रचार अभियान पर गर्व है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “जब हम चुनाव हारते हैं, तो हम परिणामों को स्वीकार करते हैं।” सुश्री हैरिस ने अपने अल्मा मेटर में भाषण में कहा, “जिस दौड़ में हम दौड़े और जिस तरह से दौड़े उस पर मुझे बहुत गर्व है। इस अभियान के 107 दिनों में, हम जानबूझकर समुदाय के निर्माण और गठबंधन बनाने, जीवन के हर क्षेत्र और पृष्ठभूमि से लोगों को एक साथ लाने, प्यार से एकजुट करने के बारे में रहे हैं।” “देश अमेरिका के भविष्य के लिए हमारी लड़ाई में उत्साह और खुशी के साथ है और हमने यह इस ज्ञान के साथ किया कि हम सभी में बहुत कुछ समान है जो हमें अलग करता है।” सुश्री हैरिस ने कहा, “हालांकि मैं इस चुनाव को स्वीकार करती हूं, लेकिन मैं उस लड़ाई को स्वीकार नहीं करती जिसने इस अभियान को बढ़ावा दिया।” “कभी-कभी लड़ाई में थोड़ा समय लगता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम जीतेंगे नहीं।” अपने भाषण में सुश्री हैरिस ने गर्भपात, बंदूक हिंसा और समान न्याय जैसे डेमोक्रेट के प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला, और कसम खाई कि “हम वोटिंग बूथ, अदालतों और सार्वजनिक चौराहे पर इस लड़ाई को जारी रखेंगे।”

‘अमेरिका में स्वर्णिम काल लेकर आएंगे’, राष्ट्रपति चुनाव परिणाम के बीच ट्रंप का पहला संबोधन

वाशिंगटन, 06 नवंबर: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। जीत के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका की जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह जीत अविश्वसनीय और ऐतिहासिक है। हम अमेरिका की भलाई के लिए काम करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ये पल इस देश को फिर से मजबूत करने में मदद करेंगे। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच कन्वेंशन सेंटर में अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ‘मैं हर दिन आपके लिए लड़ूंगा और अमेरिका में स्वर्णिम काल लेकर आएंगे।’ ट्रंप ने समर्थकों को कहा शुक्रिया ट्रंप ने फ्लोरिडा में समर्थकों से कहा कि ‘मैं आपका 47वां राष्ट्रपति हूं। ऐसी राजनीतिक जीत पहले कभी नहीं देखी गई।’ भारी जीत की कगार पर खड़े रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप ने अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया और इसे अमेरिकी लोगों की शानदार जीत बताया। दरअसल, 78 वर्षीय ट्रंप को फिलहाल 267 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिलने की जानकारी है। यह 270 के जादुई आंकड़े से तीन कम है। वहीं, उनकी प्रतिद्वंद्वी मौजूदा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों के साथ पीछे चल रही हैं। ट्रंप बोले- हमने इतिहास रच दिया ट्रंप ने कहा कि ‘हम अपने देश को ठीक करने, अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए काम करेंगे। हमने आज इतिहास रच दिया है। हमने सबसे अविश्वसनीय राजनीतिक जीत हासिल की है। मैं अमेरिकी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं अपनी हर सांस के साथ आपके और आपके परिवार के लिए लड़ूंगा।’ ट्रंप ने कहा कि ‘यह एक ऐसा आंदोलन था, जिसे पहले कभी किसी ने नहीं देखा। सच कहूं तो मेरा मानना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक आंदोलन था। इस देश में और शायद इससे परे भी ऐसा कुछ कभी नहीं हुआ। अब यह एक नए स्तर पर पहुंचने जा रहा है, क्योंकि हम अपने देश को ठीक करने में मदद करने जा रहे हैं। हमारे पास एक ऐसा देश है, जिसे मदद की जरूरत है। यह ऐतिहासिक है। इसका कारण सिर्फ यही है कि हमने उन बाधाओं को पार किया, जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था।’ ट्रंप ने एलन मस्क का भी दिया धन्यवाद ट्रंप ने अपने परिवार का शुक्रिया अदा किया। साथ ही चुनाव में उनके लिए काम करने वालों की मेहनत का भी जिक्र किया। इस बीच उन्होंने अरबपति कारोबारी एलन मस्क का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि वह एलन मस्क से प्यार करते है और उनके समर्थन के लिए आभार जताते हैं। ट्रंप ने मस्क की संचार व्यवस्था स्टारलिंक का जिक्र किया और नॉर्थ कैरोलाइना में बाढ़ प्रभावितों की मदद से जुड़ा किस्सा सुनाया। ट्रंप ने कहा कि मस्क की वजह से ही नॉर्थ कैरोलाइना में रिपब्लिकन पार्टी को जीत मिली। ट्रंप ने संबोधन के दौरान अपने वादों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘आपको बेहतर नौकरियां मिलेंगी। अवैध आव्रजन बंद होगा। हम टैक्स घटाएंगे, क्योंकि हमारे पास जो है, वह चीन के पास भी नहीं है।’ ट्रंप ने कहा कि ‘यह वह पल है, जब अमेरिकी अपने देश का नियंत्रण फिर अपने हाथ में लेंगे। ट्रंप ने इसके बाद रॉबर्ट एफ. कैनेडी का भी शुक्रिया किया और कहा कि वह मेक अमेरिका हेल्दी अगेन (अमेरिका को फिर स्वस्थ बनाने) का जिम्मा संभालेंगे।’

प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन से इतर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की

बारी (इटली), 14 जून : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और माना जा रहा है कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर तथा वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं की मुलाकात इटली के दक्षिणी शहर बारी में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई। इस महीने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी की पहली विदेश यात्रा है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात जनवरी में हुई थी, जब फ्रांस के राष्ट्रपति भारत के 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे। दोनों नेताओं ने अपनी पिछली बैठक के दौरान द्विपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के लिए अपने साझा दृष्टिकोण की पुष्टि की थी, जिसे ‘होराइजन 2047’ और जुलाई 2023 शिखर सम्मेलन के अन्य दस्तावेजों में रेखांकित किया गया है। ‘होराइजन 2047’ रोडमैप भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के लिए द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वाकांक्षी और व्यापक कार्यक्रम निर्धारित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष ऋषि सुनक से मुलाकात की

बारी (इटली), 14 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और साझा हितों के मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं की मुलाकात दक्षिणी इतालवी रिसॉर्ट शहर में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। सुनक और मोदी की पिछली मुलाकात पिछले साल सितंबर में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में हुई थी, जब उन्होंने भारत के आम चुनाव से पहले मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता में तेजी लाने पर सहमति जताई थी। अब व्यापार वार्ता हालांकि चार जुलाई को नई ब्रिटिश सरकार के निर्वाचित होने के बाद ही पुनः शुरू होने की उम्मीद है। जनवरी 2022 में शुरू हुई भारत-ब्रिटेन एफटीए वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाना है।

मोदी ने यूक्रेन को बातचीत और कूटनीति का रास्ता अख्तियार करने की दी सलाह

अपुलिया (इटली), 14 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन को सलाह दी कि वह रूस के साथ शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाये। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर श्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान यह सलाह दोहरायी। श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति श्री ज़ेलेंस्की के साथ बहुत सार्थक बैठक हुई। भारत, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है। जारी शत्रुता के संबंध में दोहराया कि भारत मानव-केंद्रित दृष्टिकोण में विश्वास करता है और मानता है कि शांति का रास्ता बातचीत और कूटनीति के माध्यम से है।” श्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी मुलाकात की और भारत तथा ब्रिटेन के बीच रक्षा संबंध और मजबूत करने पर विचार विमर्श किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी को लोकसभा चुनावों में पुनः जीत हासिल करने के लिए बधाई दी। श्री मोदी ने ‘एक्स’पर लिखा, “इटली में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलना सुखद रहा। मैंने राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में संबंधों को गहरा करने की काफी गुंजाइश है। हमने रक्षा क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करने पर भी बात की।” इससे पहले श्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की।

कुवैत में आग की घटना में 49 लोगों की मौत, भारतीय दूतावास भी राहत कार्य में जुटा

कुवैत सिटी/नयी दिल्ली, 12 जून: दक्षिणी कुवैत के अल-मंगफ में बुधवार को एक छह मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है जिनमें कई भारतीय श्रमिक है जो इमारत में रह रहे थे। इस घटना में 40 से अधिक घायल हुये हैं। कुवैत के अधिकारी राहत एवं बचाव में जुटे हुए हैं तथा मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पायी है। भारतीय श्रमिकों की मदद के लिए कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जिससे टेलीफोन +965-65505246 नंबर के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने इस हादसे पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है तथा कहा कि कुवैत में भारतीय दूतावास स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए है। कुवैत में भारतीय राजनायिक मिशन के अधिकारी वहां के प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की सहायता में जुटे हुए हैं। कुवैत की समाचार एजेंसी कुना की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मतृकों की संख्या बढ़कर 49 हो गयी है। रिपोर्ट में गृह मंत्रालय के सुरक्षा सूचना निदेशक मेजर जनरल नासिर अब्दुल सलैब के हवाले से कहा गया है कि इमारत के मालिकों को कड़ा दंड दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के बड़े अधिकारी आग लगने के कारणाें की जांच कर रहे है और मृतकों की पहचान की जा रही है। कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल अहमद अल जाबेर अल सबा ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे इस घटना के परिपेक्ष्य में ऐसे कदम उठाये जिससे इस तरह की दुखद की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने इस घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक संदेश में कहा, “कुवैत सिटी में आग लगने की घटना दुखद है। मेरी संवेदना उन लोगों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ। कुवैत में भारतीय दूतावास स्थिति पर निरंतर निगाह रखें हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ प्रभावित लोगों की मदद में जुटा है।” विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “कुवैत शहर में आग लगने की घटना की खबर से गहरा सदमा लगा है। बताया जा रहा है कि आग लगने से 49 लोगों की मौत हुई है और 40 से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे राजदूत राहत शिविर में गये हैं और हम आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। हमारा दूतावास इस संबंध में सभी संबंधित लोगों को पूरी सहायता प्रदान करेगा।” कुवैत सरकार के अनुसार स्थानीय अधिकारियों को उस बहुमंजिला इमारत में आग लगने की सूचना सुबह छह बजे दी गई और आग लगने के कारण की जांच चल रही है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस इमारत में एक ही कंपनी के लगभग 160 कर्मचारी रहते थे और आग इमारत के एक रसोईघर में लगी और देखते ही देखते तेजी पूरी इमारत में फैल गयी। कुवैत के सुरक्षा अधिकारी मेजर जनरल ईद रशीद हमाद ने आग लगने की पुष्टि की है। कुवैती स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि आग से कई घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से चार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। कुवैत में भारतीय राजदूत अल-अदान ने घायलों के उपचार करने वाले अस्पताल का दौरा किया, जहां अभी 30 से अधिक भारतीय श्रमिकों का इलाज चल रहा है। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है। इस भयावह त्रासदी पर कुवैत में भारतीय दूतावास ने आग से प्रभावित भारतीय श्रमिकों के लिए एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया है। किसी भी तरह की जानकारी और सहायता के लिए +965-65505246 नंबर उपलब्ध कराया गया है। दूतावास ने घटना से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “अल-मंगफ इमारत में लगी आग वास्तव में एक आपदा है और इस तरह की घटना कंपनी मालिकों और भवन मालिकों के लालच और महत्वाकांक्षा का परिणाम है।” कुवैत के गृह मंत्रालय (आंतरिक मंत्रालय) ने इमारत के नियमों के उल्लंघनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “हमने जांच पूरी होने तक कंपनी के मालिक, इमारत के मालिक और उसके गार्ड को हिरासत में रखने का आदेश दिया। इमारत के नियमों को ताक में रखने वाले मालिकों को नियमों का पालन करने के लिए कल सुबह तक की समय दिया गया है उसके बाद बिना किसी नोटिस के कार्रवाई की जा सकती है।” कुवैत के गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से दी गई कुछ रिपोर्टों मेें कहा गया है कि ज्यादातर मौतें दम घुटने के कारण हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इमारत के भूतल से शुरू होकर देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गयी और उसमें रहने वाले लोग बाहर निकालने के लिए आपातकालीन रास्ते का प्रयोग नहीं कर सके। घायलों को अल-अदन और अल-जहरा अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुवैत के पहले उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा तथा गृह मामलों के मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने कहा कि इमारत के मालिक को हिरासत में लिया जायेगा और जांच की जायेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान में भारत के सहयोग से निर्मित आधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किया

थिम्पू, 23 मार्च: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की राजधानी थिम्पू में भारत के सहयोग से निर्मित एक आधुनिक अस्पताल का शनिवार को उद्घाटन किया। मोदी ने भूटान के अपने समकक्ष शेरिंग टोबगे के साथ मिलकर थिम्पू में ‘ज्ञाल्त्सुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ का उद्घाटन किया। यह इस हिमालयी देश के लोगों को समर्पित एक भूटान-भारत मित्रता परियोजना है। भूटान के साथ भारत के अनूठे संबंधों को और मजबूत करने के लिए दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे मोदी ने भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और प्रधानमंत्री टोबगे से बातचीत की। भूटान नरेश ने शुक्रवार को यहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाले वह पहले विदेशी शासनाध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ”मैं बड़ी विनम्रता के साथ ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ सम्मान स्वीकार करता हूं। मैं यह सम्मान देने के लिए महामहिम भूटान नरेश का आभार व्यक्त करता हूं। मैं इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित करता हूं। मुझे विश्वास है कि भारत-भूटान के संबंध बढ़ते रहेंगे और हमारे नागरिकों को फायदा पहुंचाएंगे।” भारत और भूटान के बीच राजनयिक संबंध 1968 में स्थापित हुए थे। भारत-भूटान संबंधों की मूल रूपरेखा 1949 में दोनों देशों के बीच हुई मित्रता एवं सहयोग संधि रही है जिसमें फरवरी 2007 में संशोधन किया गया था।

रूस में आतंकी हमले में 60 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

मॉस्को, 23 मार्च : रूस की राजधानी मॉस्को क्षेत्र के क्रोकस सिटी हॉल में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमले में 60 से ज्यादा लोग मारे गए। रूसी जांच समिति ने टेलीग्राम पर एक बयान में यह जानकारी दी। रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस आतंकी हमले में 60 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए। मॉस्को के बाहर क्रोकस सिटी हॉल के कॉन्सर्ट स्थल में शुक्रवार को गोलीबारी हुई और उसके बाद भीषण आग लग गई। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, कई हथियारबंद लोगों ने कॉन्सर्ट स्थल में गोलीबारी की। स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा कि 115 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 30 से ज्यादा लोगों ने बाह्य रोगी देखभाल प्रदान की जा रही है। श्री मुराशिको ने रोसिया 24 टीवी चैनल पर कहा, “अब तक, आतंकवादी हमले में 115 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है, उनमें पांच बच्चे शामिल हैं जिनमें एक बच्चे की हालत गंभीर है, 110 वयस्कों हैं, 60 की हालत गंभीर है।” आपातकालीन और सुरक्षा सेवाएं घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। रूस की जांच समिति ने आतंकवादी हमले में एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। समिति ने कहा कि क्रोकस सिटी हॉल में घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं जिसकी जांच चल रही है और कैमरा रिकॉर्डिंग का अध्ययन किया जा रहा है।