-रेखा गुप्ता ने नेशनल ओबेसिटी केयर कांफ्रेंस में महिला डॉक्टरों को किया सम्मानित

-400 महिला डाॅक्टरों उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित

नई दिल्ली, 11 मई: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर नेशनल ओबेसिटी केयर कांफ्रेंस में मां को पहली डॉक्टर, शिक्षक और मार्गदर्शक बताते हुए नारी शक्ति को नमन किया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 400 महिला डॉक्टरों को जनस्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही, महिलाओं में बढ़ते मोटापे व हृदय रोग की रोकथाम के लिए मिशन ओबेसिटी केयर शुरू करने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सिर्फ जन्म नहीं देती, वह जीवन को दिशा देती है। वह हमारी पहली शिक्षक, डॉक्टर, मार्गदर्शक व मित्र होती है। उसकी ममता हमें हर मुश्किल से लड़ने का साहस देती है। उन्होंने देश की हर मां, खासकर उन माताओं को नमन किया जो घर के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय हैं। समारोह में डॉ. एचके चोपड़ा, डॉ. नरेश त्रेहन, डॉ. एम. खलीलुल्लाह, डॉ. विवेक कुमार और डॉ. राजीव गर्ग जैसे वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे।

महिला डॉक्टर देश की फ्रंटलाइन हीरो

मुख्यमंत्री ने महिला डॉक्टरों को देश की फ्रंटलाइन हीरो बताया। उन्होंने कहा कि हमारी महिला डॉक्टर घर पर मां का किरदार निभाती हैं, जबकि क्लीनिक से लेकर ट्रॉमा सेंटर और राहत शिविरों तक मानवता की सेवा में जुटी रहती हैं। आपदा और आपातकाल में ये वीरांगनाएं देश की ढाल बनती हैं। उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टरों को सम्मानित कर वे गौरव महसूस कर रही हैं।

मिशन ओबेसिटी केयर शुरू करना जरूरी

रेखा गुप्ता ने कहा कि 40-60 आयु वर्ग की 65% महिलाएं सेंट्रल ओबेसिटी से प्रभावित हैं, जो हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण है। उन्होंने मोटापे की रोकथाम के लिए सामाजिक आंदोलन और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मिशन ओबेसिटी केयर शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित भोजन, सब्जियां-फल, नियमित व्यायाम, योग और तनाव प्रबंधन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोटापा सूझबूझ से कम किया जा सकता है। हमें नागरिकों को सही जानकारी और संसाधनों से सशक्त करना होगा।

मोटापे की रोकथाम के लिए रणनीति जरूरी

मुख्यमंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कहा कि मोटापे की रोकथाम के लिए प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीय स्तर पर रणनीति जरूरी है। जागरूकता से मोटापा होने ही नहीं देना है, यदि हो गया तो स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय परामर्श से इसे नियंत्रित करना है और यदि मोटापे से बीमारियां हो रहीं तो इसका समय से इलाज कराना जरूरी है।

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