रांची, 05 फरवरी: झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को सीएम चंपई सोरेन ने आसानी से बहुमत साबित साबित कर दिया। विश्वास मत के पक्ष में 47 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 29 मत ही मिले। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पहली अग्निपरीक्षा में सफल रहे हैं और अब वे आगामी बजट सत्र की तैयारी में जुट गये।

पक्ष-विपक्ष के कुल 77 विधायक सदन में मौजूद थे। जबकि जेएमएम के रामदास सोरेन, बीजेपी के इंद्रजीत महतो और निर्दलीय अमित महतो अनुपस्थित थे। रामदास सोरेन और इंद्रजीत महतो की तबीयत खराब हैं, इस बात की जानकारी सभी को पहले से थी। लेकिन बरकट्ठा के निर्दलीय विधायक अमित महतो ने वोटिंग के दौरान गायब रह कर सभी को चौंकाने काम किया। घाटशिला के जेएमएम विधायक रामदास सोरेन किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं और उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं बीजेपी विधायक इंद्रजीत महतो कोरोना काल से ही बीमार चल रहे है, उनका इलाज हैदराबाद के एक निजी अस्पताल अस्पताल में चल रहा है।

विश्वास मत के समर्थन में सीएम चंपई सोरेन को 47 वोट प्राप्त हुए। जबकि विश्वास मत के विरोध में 29 वोट पड़े। सत्तापक्ष के समर्थन में जो 47 वोट पड़े, उसमें जेएमएम के 27, कांग्रेस के 17, आरजेडी के 1, झाविमो के 1, सीपीआई-एमएल के 1 और मनोनीत एक विधायक का वोट शामिल हैं।

सीएम चंपई सोरेन के विश्वास मत को लेकर बीजेपी और विरोधी दल के नेताओं की ओर से तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। लेकिन वोटिंग के दौरान विश्वास मत के विरोध में सिर्फ 29 वोट ही पड़े। इनमें बीजेपी के 25 , आजसू पार्टी के तीन और एनसीपी के कमलेश कुमार सिंह का वोट शामिल हैं।

विश्वास मत को लेकर विधानसभा में वोटिंग के दौरान निर्दलीय विधायक सरयू राय ने हिस्सा नहीं लिया।

झारखंड विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 82 है। लेकिन 31 दिसंबर 2023 की शाम को जेएमएम विधायक सरफराज अहमद ने विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। जिसके कारण गांडेय विधानसभा सीट खाली हो गया। अब गांडेय में उपचुनाव कराने को लेकर चुनाव आयोग को निर्णय लेना है।

Rajnish Pandey
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