नई दिल्ली, 08 सितंबर: जी-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर कन्वेंशन सेंटर स्थित भारत मंडपम में कई प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी जो भारत की तकनीकी शक्ति और नवाचार का प्रदर्शन करेंगी तथा आगंतुकों को कई अनूठे अनुभव प्रदान करेंगी।

सूत्रों के मुताबिक, ‘सांस्कृतिक गलियारा- जी20 डिजिटल संग्रहालय’ जी20 के सदस्य देशों तथा आमंत्रित देशों की साझा विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा और इसका जश्न मनाएगा।

सूत्रों ने बताया कि इसमें भाग लेने वाले सदस्य देशों और नौ आमंत्रित देशों की प्रतिष्ठित और उल्लेखनीय सांस्कृतिक वस्तुओं और विरासत को भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह गलियारा विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की समझ को बढ़ावा देने, ज्ञान साझा करने, समावेशिता और समानता समेत साझा पहचान की भावना को बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में काम करेगा।

सूत्रों के मुताबिक, ‘डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस जोन’, हॉल संख्या चार और 14 में स्थापित किया जा रहा है, जहां आगंतुकों को भारत की तकनीकी शक्ति का अनुभव करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि यह ‘डिजिटल इंडिया कार्यक्रम’ की महत्वपूर्ण पहलों में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा और आधार, डिजीलॉकर, यूपीआई, ई-संजीवनी, दीक्षा, भाषिनी, ओएनडीसी, आस्क गीता जैसी पहलों पर प्रकाश डालेगा।

उन्होंने कहा कि ‘आस्क गीता’ (मार्गदर्शन, प्रेरणा, परिवर्तन और कार्रवाई) भगवद गीता के ज्ञान को अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक के साथ जोड़ती है। उन्होंने बताया कि इसमें माईगव, कोविन, उमंग, जनधन, ई-एनएएम, जीएसटीएन, फास्ट टैग और सरकार की ऐसी अन्य पहल भी शामिल होंगी।

सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का ‘इनोवेशन पवेलियन’ जी20 शिखर सम्मेलन में अत्याधुनिक वित्तीय तकनीकों का प्रदर्शन करेगा जो वित्तीय परिदृश्य में क्रांति लाने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा।

उन्होंने बताया कि इसमें वित्तीय क्षेत्र में भारत के नवाचार के अनूठे पहलुओं को प्रदर्शित करने वाले उत्पाद शामिल होंगे। इनमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, फ्रिक्शनलेस क्रेडिट के लिए पब्लिक टेक प्लेटफार्म, कागज रहित डिजीटल तरीके से ऋण प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग और अन्य अद्वितीय भुगतान प्रणाली (‘यूपीआई वन वर्ल्ड’, ‘रुपे ऑन द गो’, भारत बिल भुगतान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बिल भुगतान आदि) शामिल हैं। ‘यूपीआई वन वर्ल्ड’ उन विदेशी यात्रियों के लिए तैयार किया गया है जिनके भारत में बैंक खाते नहीं हैं।

सूत्रों ने बताया, भारत मे रहने के दौरान विदेशी नागरिक बिना किसी परेशानी के सुरक्षित भुगतान का अनुभव हासिल करने के लिये प्रीपेड भुगतान सेवा का लाभ ले सकते हैं। इसमें उन्हें 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसका इस्तेमाल वे अपनी इच्छानुसार कर सकते हैं।

‘भारत मंडपम’ के हॉल संख्या- तीन में स्थापित किए जा रहे ‘शिल्प बाजार’ में आगंतुकों के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ और जीआई-टैग वाली वस्तुओं के साथ भारत के विभिन्न हिस्सों के हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।

यह प्रतिनिधियों को स्थानीय रूप से प्राप्त उत्पादों को खरीदने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। सूत्रों ने बताया कि लगभग सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के साथ-साथ खादी ग्रामोद्योग आयोग और ट्राइफेड जैसी केंद्रीय एजेंसियां शिल्प बाजार में भाग लेंगी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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