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होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका को नहीं मिला साथ, ट्रंप की अपील पर सहयोगी देशों ने बनाई दूरी

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है। हालांकि उनकी इस पहल को अब तक अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया है और कई प्रमुख सहयोगी देश इस मुद्दे पर दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका की चिंता बढ़ गई है। दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इसे बंद किए जाने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है।

 सहयोगियों ने नहीं दिखाई तत्परता

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे पश्चिम एशिया में जहाजों को सुरक्षा देने के लिए अपने नौसैनिक पोत भेजने की योजना नहीं बना रहे हैं। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी कहा कि उनका देश ईरान के साथ किसी युद्ध में शामिल नहीं होगा।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए सामूहिक प्रयासों पर काम करेगा, लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी।

इसी बीच जर्मनी ने भी साफ कर दिया है कि ईरान से जुड़े इस संघर्ष का NATO से कोई संबंध नहीं है और वह इस सैन्य अभियान में भाग नहीं लेगा। वहीं डेनमार्क के विदेश मंत्री Lars Løkke Rasmussen ने कहा कि उनका देश इस मुद्दे पर खुले दिमाग से विचार कर रहा है कि वह किस तरह योगदान दे सकता है।

 ट्रंप ने कई देशों से मांगी मदद

राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन लौटते समय एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने सात देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है ताकि होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने कहा, “मैं इन देशों से आगे आने और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करने की मांग करता हूं, क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है।” हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया जिनसे अमेरिका इस मिशन में शामिल होने की उम्मीद कर रहा है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन को इस मिशन में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि पश्चिम एशिया के तेल पर उसकी निर्भरता काफी अधिक है। उनके अनुसार, चीन को लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी क्षेत्र से प्राप्त होता है, जबकि अमेरिका को यहां से बहुत कम तेल मिलता है।

चीन ने सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की

ट्रंप की इस अपील पर चीन ने अलग रुख अपनाया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है।

चीन ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और तनाव कम करने की अपील की है।

मैक्रों ने ईरान से हमले रोकने को कहा

इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान मैक्रों ने पश्चिम एशिया में हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बहाल करने की अपील की।

ट्रंप टाल सकते हैं चीन दौरा

वहीं ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह चीन की अपनी प्रस्तावित यात्रा को भी टाल सकते हैं। उनका 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन दौरा प्रस्तावित है।

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया के तेल पर चीन की निर्भरता को देखते हुए उसे इस नए गठबंधन में शामिल होना चाहिए, जो होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम दौरे से पहले यह जानना चाहते हैं कि क्या बीजिंग मदद करेगा। जरूरत पड़ी तो हम इस यात्रा को टाल सकते हैं।”

भारत ने बातचीत से किया इनकार

इधर भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर अमेरिका और भारत के बीच अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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