कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया। कालीघाट स्थित अपने आवास से घोषणापत्र जारी करते हुए ममता ने जनता के सामने “10 प्रतिज्ञा” पेश कीं और चौथी बार सत्ता में वापसी का भरोसा जताया।
‘दुआरे चिकित्सा’ सबसे बड़ा वादा
इस बार घोषणापत्र का सबसे अहम वादा ‘दुआरे चिकित्सा’ योजना है। ममता बनर्जी ने कहा कि यदि उनकी सरकार दोबारा बनती है तो राज्यभर में घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
इसके तहत हर बूथ और ब्लॉक स्तर पर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत कम पड़ेगी और इलाज उनके घर के पास ही उपलब्ध होगा।
पक्के घर और हर घर नल से पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य के सभी कच्चे घरों को पक्का बनाया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि अगले एक से दो वर्षों के भीतर हर घर तक नल से पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी।
शिक्षा और रोजगार पर फोकस
ममता बनर्जी ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों का भी ऐलान किया।
- हजारों नए आधुनिक स्कूल बनाए जाएंगे
- मौजूदा स्कूलों को ई-लर्निंग सुविधाओं से लैस किया जाएगा
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाएगा
उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर आरोप लगाया कि कोर्ट केसों के कारण शिक्षक नियुक्तियां प्रभावित हो रही हैं और हजारों पद खाली पड़े हैं।
नए जिले और प्रशासनिक विस्तार
घोषणापत्र में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। ममता ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में 7 नए जिले बनाए गए हैं और अब 7 से 10 नए जिले, कई ब्लॉक, अनुमंडल और नई नगर पालिकाएं बनाई जाएंगी।
‘लक्ष्मी भंडार’ और युवाओं के लिए योजनाएं
महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को जारी रखने का भरोसा देते हुए ममता ने कहा कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी।
- सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह
- SC/ST वर्ग की महिलाओं को ₹1700 प्रति माह
- वहीं बेरोजगार युवाओं के लिए ‘युवाश्री’ योजना के तहत ₹1500 मासिक भत्ता देने का वादा भी दोहराया गया।
भाजपा पर तीखा हमला
घोषणापत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बाहरी ताकतों के जरिए राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर लोगों को डराया जा रहा है।
ममता ने जनता से अपील करते हुए कहा कि बंगाल को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ खड़ा होना होगा। उन्होंने साफ कहा कि उनकी राजनीति धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की है।
लोकलुभावन वादों से दूरी
दिलचस्प बात यह रही कि इस बार के घोषणापत्र में बड़े लोकलुभावन वादों से परहेज किया गया है। इसके बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया है।
