पटना: देश के कई राज्यों में सोमवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। बिहार से मौजूदा मुख्यमंत्री Nitish Kumar भी इस बार पहली बार राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतरे हैं। सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई, जो शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू की जाएगी और देर शाम तक नतीजे आने की संभावना है।
इसी बीच बिहार की राजनीति में एक नया बयान चर्चा का विषय बन गया है। मोकामा विधानसभा सीट से विधायक Anant Singh जेल से बाहर आकर मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो उनके बेटे Nishant Kumar को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
अनंत सिंह इस समय दुलारचंद हत्याकांड मामले में जेल में बंद हैं। राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए उन्हें विशेष अनुमति के तहत विधानसभा लाया गया था। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए और निशांत कुमार मुख्यमंत्री पद के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में निशांत कुमार ने Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण की है। उनके पार्टी में शामिल होने के बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में उन्हें पार्टी या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है।
अनंत सिंह से पहले भी कई नेताओं ने निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और यह स्पष्ट नहीं है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भी राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अनंत सिंह ने दावा किया है कि उनकी पार्टी सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि माहौल पूरी तरह अनुकूल है और नतीजे उनके पक्ष में आएंगे।
दरअसल, देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। जबकि हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों के लिए आज मतदान कराया जा रहा है। इन तीन राज्यों में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
अब सभी की नजरें शाम को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस दल को कितनी सफलता मिली और किसके दावे सही साबित हुए।
